MP Patwari Suspension News: ग्वालियर/मनोज शर्मा: मध्य प्रदेश में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर शासन और राजस्व अमले के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है. राजधानी भोपाल में तीन पटवारियों पर हुई कार्रवाई के बाद अब ग्वालियर में प्रशासन का कड़ा रुख देखने को मिला है. ग्वालियर में योजना के तहत संपत्ति रजिस्ट्री का निष्पादक (एग्जीक्यूटर) बनने से इनकार करने और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में एक साथ 19 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है.
कार्रवाई केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं है; मालवा और निमाड़ अंचल के उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, आगर मालवा, देवास और नीमच जैसे जिलों में भी कई पटवारियों पर प्रशासनिक गाज गिर चुकी है. अचानक पूरे प्रदेश में पटवारियों के खिलाफ शुरू हुए इस निलंबन सत्र ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है.
घटनाक्रम के अनुसार, ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिले के सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और पटवारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई थी. बैठक में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण संपत्तियों के निःशुल्क पंजीयन और रजिस्ट्री निष्पादन की जिम्मेदारी पटवारियों को सौंपने के निर्देश दिए गए.
हालांकि, पटवारियों ने इस योजना में रजिस्ट्री निष्पादक की भूमिका निभाने से दो टूक मना कर दिया. उच्चाधिकारियों के निर्देशों की खुली अवहेलना को अनुशासनहीनता मानते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान ने तत्काल सभी एसडीएम (SDM) को अपने-अपने अनुविभागों में संबंधित पटवारियों के खिलाफ निलंबन आदेश जारी करने के निर्देश दे दिए.
1. फार्मर रजिस्ट्री व स्वामित्व e-KYC में फिसड्डी प्रदर्शन
राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल फार्मर रजिस्ट्री और स्वामित्व योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी (e-KYC) के काम में कई पटवारियों की प्रगति लगातार बेहद निराशाजनक बनी हुई थी. बार-बार चेतावनी के बावजूद लक्ष्य हासिल नहीं किए गए.
2. सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का अंबार
आम नागरिकों की राजस्व से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संचालित ‘सीएम हेल्पलाइन’ के मामलों का समय-सीमा (Time-limit) में निराकरण नहीं किया जा रहा था. बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित रहने से जिले की रैंकिंग प्रभावित हो रही थी.
3. वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना
कलेक्टर और राजस्व विभाग के शीर्ष अधिकारियों द्वारा समय-सीमा तय कर दिए गए दिशा-निर्देशों का मौके पर पालन न करना और सामूहिक रूप से रजिस्ट्री निष्पादक बनने से इनकार करना अनुशासनहीनता के दायरे में माना गया.
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ग्वालियर जिले में जिन 19 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, उनमें शैलेष कुशवाह, राहुल भदौरिया, नीलम फरेले, सिद्धेश्वरराम भगत, ऋषभ जैन, अचल पाठक, हीरा कुर्रे, देवेन्द्र गौड़, राकेश रायपुरिया, सुरेन्द्र धाकड़, जितेन्द्र यादव, सचिन बंसल, रामलखन सिंह गुर्जर, कोकसिंह भदौरिया, नीरज शर्मा, ब्रजेश अगरैया, संतोष शर्मा, दिनेश भोज और उमाशंकर आदिवासी के नाम शामिल हैं.
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