अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी
Mukhtar Ansari: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की एमपी-एमएलए (MP-MLA) कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा सुनाई है. विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में गैंगस्टर मामले में मुख़्तार अंसारी पर फैसला आया है. वहीं कोर्ट ने उनके भाई अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा सुनाई है.
कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाया है. इसके साथ ही कोर्ट ने पांच लाख का जुर्माना लगाया है. वहीं उनके भाई अफजाल अंसारी को कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई है, इसके साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट के आदेश के बाद अब उनकी संसद की सदस्यता रद्द होना लगभग तय माना जा रहा है.
एक अधिवक्ता ने बताया कि 22 नवंबर 2007 को गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद कोतवाली में गैंगस्टर चार्ट में सांसद अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी को शामिल करते हुए गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था. उन्होंने बताया कि 23 सितंबर 2022 को प्रथम दृष्टया दोनों के खिलाफ आरोप तय किए गए और अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हुई. अधिवक्ता के मुताबिक, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था.
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गौरतलब है कि अफजाल अंसारी गाजीपुर संसदीय क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद हैं. वहीं, मुख्तार अंसारी पड़ोसी जिले मऊ की मऊ सदर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं. मुख्तार अंसारी ने 2022 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था और उनकी सीट पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से किस्तम आजमा रहे उनके बेटे अब्बास अंसारी विधायक चुने गए थे. मुख्तार अंसारी इस समय आपराधिक मामलों में बांदा जेल में बंद हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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