नवरात्रि और डांडिया रास की धूम खत्म होते ही अब सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो ट्रेंड कर रहा है, जिसने ऑनलाइन शॉपिंग और रिटर्निंग के नाम पर चल रहे ‘फ्री फैशन’ के काले खेल की पोल खोल कर रख दी है. डांडिया नाइट्स में सबसे अलग और राजा-महाराजाओं जैसा दिखने के लिए लोगों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से महंगी और भारी-भरकम ड्रेसेस तो मंगवा लीं, लेकिन जैसे ही डांडिया खत्म हुआ और फोटो खिंचवा ली गईं, ड्रेसेस को रिटर्न करने का सिलिसला शुरू हो गया. इंटरनेट पर वायरल हो रहे एक पार्सल डिलीवरी बॉय के वीडियो ने इस मुद्दे पर तगड़ी बहस छेड़ दी है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो किसी कॉलेज कैंपस के बाहर का बताया जा रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि 3-4 डिलीवरी बॉयज मोटरसाइकिलों पर और जमीन पर पड़े रिटर्न पार्सलों के ढेरों के बीच खड़े हैं. जब वीडियो बनाने वाला शख्स साथी डिलीवरी बॉय से पूछता है कि उनके पास कितने रिटर्न ऑर्डर हैं, तो कोई 20, कोई 25 तो कोई 45 से 50 रिटर्न पार्सलों का आंकड़ा बताता है. वीडियो पर लिखे टेक्स्ट में तंज कसते हुए साफ लिखा है कि ‘ड्रेस मंगवाई, पहनकर डांडिया खेला, रील बनाई और अब वापस थमा दी.’
Dandiya khatam … Dress return
Shameless generation https://t.co/Jzqye1WZeV
— Nishant (@Nishantchant) October 16, 2026
त्योहारों के सीजन में ग्राहकों की यह चालाकी छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं (Sellers) के लिए गले की फांस बन गई है. किसी भी ड्रेस को कूरियर के जरिए भेजने में पैकिंग, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स का भारी खर्च आता है. जब कोई ग्राहक इस्तेमाल की हुई ड्रेस को वापस कर देता है, तो न सिर्फ सेलर को आने-जाने का भाड़ा भरना पड़ता है, बल्कि इस्तेमाल हो चुके कपड़े को दोबारा नए की तरह बेचना भी नामुमकिन हो जाता है.
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वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत करने वालों को आड़े हाथों लिया है. एक यूजर ने भड़ास निकालते हुए लिखा कि ‘एक ड्रेस खरीदने की औकात नहीं है, लेकिन शो-ऑफ राजा-महाराजाओं जैसा करना है.’ वहीं अन्य दूसरे यूजर ने लिखा कि ऐसे फ्रॉड लोगों की वजह से उन ग्राहकों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है, जो वाकई में साइज या डिफेक्ट की वजह से जायज सामान रिटर्न करना चाहते हैं.’
हालांकि, साइज या रंग गलत होने पर सामान रिटर्न करना ग्राहक का अधिकार है, लेकिन त्योहारों पर ‘एक रात के स्वैग’ के लिए कपड़ों का इस्तेमाल करके उन्हें वापस कर देना छोटे कारोबारियों को बर्बादी की कगार पर धकेल रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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