Parliament Committee meeting on NEET paper leak: देश के सबसे बड़े मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर संसद की स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) ने आज एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है. समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रमुख और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित उच्च शिक्षा सचिव को आज यानी 21 मई को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें 3 मई को रद्द हुई परीक्षा के बाद अब पूरे परीक्षा सिस्टम को बदलने और एनटीए की जवाबदेही तय करने पर सीधा प्रहार किया जाएगा.
बताते चलें 3 मई 2026 को पेपर लीक होने के कारण नीट परीक्षा को रद्द करना पड़ा था, जिससे देश के करीब 22 लाख छात्र-छात्राओं की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह डगमगा गई. इस चौतरफा विवाद के बाद बुलाई गई आज की संसदीय बैठक में जांच की मौजूदा स्थिति की कड़ी समीक्षा होगी.
सूत्रों के मुताबिक, समिति के सदस्य एनटीए प्रमुख से यह तीखा सवाल पूछेंगे कि देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली परीक्षा के सुरक्षा घेरे में इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई.
आज की बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा केवल दोषियों की तलाश करना नहीं बल्कि भविष्य के लिए परीक्षा व्यवस्था को ‘फूलप्रूफ’ बनाना है. इसके लिए गठित की गई के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने की स्थिति पर शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा.
इस बैठक(NEET: Parliament Committee meeting ) में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने, पेपर सेट करने से लेकर सेंटर्स तक पहुंचाने के डिजिटल तरीकों और एनटीए के भीतर बड़े प्रशासनिक फेरबदल को लेकर एक बड़ा ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सकता है, ताकि छात्रों का खोया हुआ भरोसा फिर से बहाल हो सके.
इस बड़े विवाद के बीच, केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया है कि रद्द हुई नीट परीक्षा आगामी 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी. री-एग्जाम को लेकर इस बार सरकार किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है और पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुद देश की शीर्ष सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की है. इस बार प्रश्नपत्रों की छपाई, ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं जिन्हें भेद पाना नामुमकिन होगा.
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आज की यह संसदीय बैठक सिर्फ नीट के विवाद तक ही सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि इसके दायरे में देश की भावी शिक्षा नीति के कई आधुनिक आयाम भी शामिल हैं. समिति आज की बैठक के दूसरे सत्र में ‘शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव’ और कॉलेज से निकलने वाले छात्रों की ‘रोजगार क्षमता’ (Employability) को बढ़ाने जैसे गंभीर विषयों पर भी विशेषज्ञों के साथ मंथन करेगी. यानी संसद आज यह तय करने जा रही है कि देश की परीक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से कैसे सुरक्षित किया जाए और युवाओं के भविष्य को कैसे संवारा जाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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