देश

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास का नोटिस, अब 14 दिन क्या होगा? जानिए संवैधानिक नियम

Om Birla No Confidence Motion: संसद के गलियारों में सन्नाटे को चीरती हुई हलचल बता रही है कि इस बार विपक्ष आर-पार के मूड में है. अक्सर आरोप-प्रत्यारोप के शोर में दब जाने वाले मुद्दों ने अब एक संवैधानिक लड़ाई का रूप ले लिया है. बजट सत्र के दौरान मचे घमासान के बीच विपक्षी खेमे ने एक बड़ा दांव खेला है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को नोटिस दिया गया है. इसपर विपक्ष के 118 सांसदों ने साइन किए हैं. हालांकि, TMC के सांसदों ने इससे दूरी बना ली है.

यह महज एक नोटिस नहीं, बल्कि संसदीय इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला वो अध्याय है. जहां आसन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हुए विपक्ष ने संविधान के अनुच्छेदों का सहारा लिया है. आइए समझते हैं कि आखिर क्यों और किस नियम के तहत यह सियासी भूचाल आया है.

118 दस्तखत और तीखे आरोप

मंगलवार को लोकसभा सचिवालय में एक चिट्ठी पहुंची, जिसने सियासी पारे को चढ़ा दिया. यह चिट्ठी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस थी. इस पर विपक्ष के 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), डीएमके, लेफ्ट और आरजेडी जैसे प्रमुख दलों के सांसद शामिल हैं. हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस मुहिम से किनारा कर लिया है और नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

कांग्रेस सांसद के. सुरेश, गौरव गोगोई और मोहम्मद जावेद ने लोकसभा महासचिव को यह नोटिस सौंपा. विपक्ष का सीधा आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला सदन का संचालन पक्षपातपूर्ण तरीके से कर रहे हैं और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है.

किस नियम के तहत दिया गया नोटिस?

लोकसभा स्पीकर को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया भारतीय संविधान और लोकसभा के नियमों में स्पष्ट रूप से दर्ज है. विपक्ष ने संविधान के अनुच्छेद 94(c) और लोकसभा प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 200 के तहत यह नोटिस दिया है. स्पीकर को हटाने की राह इतनी आसान नहीं होती. इसके लिए एक तय संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना होता है.

  • नोटिस देना: सबसे पहले, स्पीकर को हटाने के लिए कम से कम 14 दिन का नोटिस देना अनिवार्य होता है. विपक्ष ने इसी नियम के तहत लोकसभा महासचिव को लिखित नोटिस सौंपा है.
  • प्रस्ताव की शर्तें: नियम 200 के मुताबिक, प्रस्ताव में लगाए गए आरोप स्पष्ट और सटीक होने चाहिए. इसमें कोई व्यंग्य, अनुमान या मानहानिकारक बयान नहीं होना चाहिए.
  • सदन में समर्थन: जब यह प्रस्ताव सदन में पेश करने की अनुमति मांगी जाती है, तो इसे कम से कम 50 सांसदों का समर्थन मिलना जरूरी होता है. चूंकि विपक्ष के पास 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं, इसलिए यह पहली बाधा आसानी से पार कर लेगा.
  • चर्चा और वोटिंग: प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद, आमतौर पर 10 दिनों के भीतर इस पर चर्चा और वोटिंग के लिए दिन तय किया जाता है.

पीठासीन अधिकारी कौन होगा?

संविधान के अनुच्छेद 96 के मुताबिक, जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव विचाराधीन हो, तो वे सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते. स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव को सदन के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित होना चाहिए.

विपक्ष ने क्यों खोला मोर्चा?

राहुल गांधी को बोलने से रोकना: विपक्ष का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि यह उनका अधिकार है. 2 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख की किताब के हवाले से सरकार पर निशाना साधा था, जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ.

  • सांसदों का निलंबन: बजट सत्र के दौरान विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया. विपक्ष का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उन्हें मनमाने ढंग से दंडित किया गया.
  • पक्षपातपूर्ण रवैया: आरोप है कि बीजेपी सांसदों को पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें बोलने की छूट दी गई, जबकि विपक्ष को रोका गया.
  • साजिश का आरोप: विपक्ष का दावा है कि स्पीकर ने कांग्रेस सांसदों पर साजिश करने का बेबुनियाद आरोप लगाया है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है. उन पर सरकार का दबाव है, इसलिए उन्हें सफाई देनी पड़ रही है. उस दिन पीएम मोदी की सदन में आने की हिम्मत नहीं हुई, इसलिए स्पीकर को ढाल बनाया गया.

ये भी पढ़ें: मोहम्मद यूनुस की हवा निकली! BNP या जमात… किसके साथ बांग्लादेश की जनता? जानें ओपिनियन पोल के आंकड़े

क्या पास हो पाएगा प्रस्ताव?

अविश्वास प्रस्ताव सदन के पटल पर तो रखा जा सकता है, लेकिन इसका पास होना बेहद मुश्किल है. लोकसभा में एनडीए (NDA) के पास पूर्ण बहुमत है, जबकि विपक्ष (INDIA गठबंधन) के पास करीब 230 के आसपास सांसद हैं. स्पीकर को हटाने के लिए सदन में बहुमत चाहिए, जो फिलहाल सरकार के पक्ष में है. ऐसे में यह प्रस्ताव सरकार को घेरने और अपनी बात रखने का एक राजनीतिक हथियार ज्यादा साबित हो सकता है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

कहीं कॉकरोच तो कहीं दिमागी नक्सल..! दिल्ली में रावण पुतले के साथ दिखेंगे ये नजारे

दिल्ली में दशहरा 2026 पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच…

12 seconds ago

दिल्ली बनेगी साबरमती! बदलेगी यमुना की तकदीर, क्या है 9000 करोड़ का प्लान?

Delhi Yamuna Cleaning Plan: दिल्ली सरकार 9 हजार करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से साबरमती की…

9 minutes ago

रावण आज भी जिंदा? गरबा खेलने गई बच्ची से दरिंदगी, विरोध करने पर जड़ा थप्पड़; देखें VIDEO

Garba Molestation Case: नालासोपारा गरबा इवेंट के दौरान नाबालिग से छेड़छाड़ का वीडियो सोशल मीडिया…

9 minutes ago

प्रियंका गांधी के आवास पर हुई अहम बैठक में बनी रणनीति, अगले 3-4 दिनों में सपा को सौंपी जा सकती है संभावित सीटों की सूची

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी…

15 minutes ago

कद छोटा पर दिमाग बड़ा! साइकिल चलाने के लिए बच्चों ने किया गजब जुगाड़, वीडियो VIRAL

सोशल मीडिया पर दो बच्चों का बड़ी साइकिल चलाने का अनोखा देसी जुगाड़ वायरल हो…

34 minutes ago

Gold-Silver Price: ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच जानिए आज आपके शहर में क्या है सोना-चांदी का भाव?

Gold-Silver Price Today: दशहरे के दिन सोने और चांदी के बाजार में क्या रहे हाल?…

37 minutes ago