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मौसम का तीन तरफा मार: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश, अब प्रदूषण ने भी दोबारा खोला मोर्चा

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम की चाल बदलने वाली है. पिछले कुछ दिनों से हाड़ कंपा देने वाली जो शीत लहर चल रही थी, उससे फिलहाल मैदानी इलाकों के लोगों को थोड़ी राहत मिली है. तापमान में मामूली बढ़ोतरी तो हुई है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह चैन बस कुछ ही दिनों का है. आने वाले सात दिनों में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक फिर से हलचल बढ़ने वाली है. एक के बाद एक तीन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहे हैं, जिनका सीधा असर हमारे और आपके दैनिक जीवन पर पड़ने वाला है.

पहाड़ों पर बर्फ की चादर, मैदानों में बूंदें

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है. इसका असर यह हुआ कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में रात के तापमान में थोड़ा सुधार हुआ है. श्रीनगर में जहां पारा शून्य से करीब 5 डिग्री नीचे चला गया था, वहां अब थोड़ी नरमी देखी गई है. पंजाब के अमृतसर और हरियाणा के भिवानी में भी कड़ाके की ठंड से हल्की राहत मिली है. लेकिन असली खबर यह है कि 23 जनवरी के आसपास पहाड़ों पर भारी हिमपात की चेतावनी है. इससे न केवल पर्यटन पर असर पड़ेगा, बल्कि पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाएं एक बार फिर मैदानों में ठिठुरन बढ़ा देंगी.

कोहरे का पहरा, यातायात की रफ्तार

कोहरा भले ही पहले के मुकाबले थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लिए खतरा अभी टला नहीं है. अगले दो दिनों तक यूपी के कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने की आशंका है. अयोध्या, लखनऊ और फुरसतगंज जैसे शहरों में तो विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई है, जिससे रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. अगर आप सुबह के समय सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि कोहरे की चादर अचानक गहरी हो सकती है.

सेहत पर प्रदूषण खतरा

ठंड और कोहरे के बीच सबसे ज्यादा चिंता की बात दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा है. ग्रेप-4 जैसी सख्त पाबंदियां लागू होने के बावजूद प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है. दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है. डॉक्टरों का कहना है कि कोहरे और धुएं का यह मेल सेहत के लिए घातक है. खासकर दमा और सांस की बीमारी वाले लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं, इसलिए इस बदलते मौसम में अपनी सेहत को प्राथमिकता दें.

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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