Mumbai Mayor Race: मुंबई में बीएमसी चुनाव (BMC election) के बाद से मेयर के लिए रेस तेज हो गई है. 227 वार्डों वाली इस महानगरपालिका में बीजेपी (BJP) ने 89 वार्ड जीते हैं और उसके सहयोगी एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 29 वार्डों पर कब्जा जमाया है. आंकड़ों की मानें तो महायुति गठबंधन के लिए जीत का रास्ता स्पष्ट नजर आता है. लेकिन उद्धव ठाकरे गुट के प्रमुख संकटमोचक माने जाने वाले संजय राउत (Sanjay Raut) का कहना है कि मुंबई महापौर पद की दौड़ अभी खत्म नहीं हुई है.
भारत का सबसे समृद्ध बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का वार्षिक बजट 74,000 करोड़ रुपये से अधिक है. इस महानगरपालिका में मेयर के लिए 227 वार्डों में से बहुमत का आंकड़ा 114 है. हालांकि, महायुति गठबंधना (Mahayuti) के पास कुल 118 पार्षद हैं, जो मुंबई में अपना मेयर बनाने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं.
शिवसेना (UBT) को सिर्फ 6 सीटों की जरूरत
बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की शिवसेना (UBT) 65 वार्डों के साथ दूसरे स्थान पर रही. संजय राउत का मानना है कि सहयोगियों की मदद से उनकी संख्या बीएमसी में 108 तक पहुंच गई है, जो बहुमत के आंकड़े से मात्र छह कम है.
राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस), जिसने चुनाव से कुछ सप्ताह पहले ही यूबीटी के साथ गठबंधन किया था उसने मात्र 6 सीटें जीतीं. वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के साथ गठबंधन में कांग्रेस ने 24 सीटें हासिल कीं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने 8, समाजवादी पार्टी ने 2, अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने 3 और शरद पवार गुट को सिर्फ एक सीट मिलीं. अजित पवार की पार्टी महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन उसने बीएमसी नगर निगम चुनाव अलग से लड़ा था.
संजय राउत का बड़ा दावा
सांसद संजय राउत का कहना है कि मुकाबला जितना दिख रहा है उससे कहीं ज्यादा कड़ा है. उनके अनुसार, यह 108 बनाम 118 की टक्कर है. राउत ने मीडिया से बता करते हुए कहा कि, “यूबीटी, एमएनएस, कांग्रेस और हमारे सहयोगियों के साथ हम फिलहाल 108 सीटों पर हैं. हमारा लक्ष्य 114 है. हम सिर्फ छह सीटों से पीछे हैं. बस देखते रहिए, मुंबई की राजनीति में कुछ भी हो सकता है.”
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एकनाथ शिंदे पर साधा निशाना
संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी तीखा हमला बोला. यह हमला उन खबरों के बाद किया गया जिनमें कहा गया था कि शिंदे-सेना पार्षदों को बांद्रा और कल्याण-डोम्बिवली के आलीशान होटलों में ठहराया गया है. उन्होंने कहा कि, “हमारे पार्षद कहीं छिपे नहीं हैं, वे अपने घरों में आराम से सामान्य जीवन जी रहे हैं,” राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा. ” शिंदे डर में जी रहे हैं. उन्होंने अपने लोगों को तीन अलग-अलग होटलों में रखा है क्योंकि उन्हें पता है कि वे पाला बदलने को तैयार हैं. उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के डर से हमारा साथ छोड़ दिया था, अब उन्हें अपने ही लोगों से डर लग रहा है.”
संजय राउत संकेत दिया कि शिंदे खेमा अपने नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को ठाकरे खेमे में लौटने से रोकने के लिए संघर्ष कर रहा है. उन्होंने कहा कि, “आप लोगों को होटल में बंद कर सकते हैं, लेकिन उनके दिमाग को बंद नहीं कर सकते. कई लोग मुंबई में भाजपा का महापौर नहीं देखना चाहते.”
शिंदे गुट की सफाई
संजय राउत के आरोपों को खारिज करते हुए शिंदे गुट के नेता ने कहा कि पार्षदों को बंधक नहीं बनाया गया है. 29 में से 20 पार्षद पहली बाक चुनाव जीते हैं उन्हें कैसे कामकाज करना है इसकी ट्रेनिंग के लिए उन्हें ङोटल में रखा गया है. हमें होटल पॉलिटिक्स की जरूरत नहीं है.
-भारत एक्सप्रेस
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