ट्रंप ने PM मोदी के सामने फैलाए थे हाथ
NYT Exposed Donald Trump: पीएम मोदी इन दिनों जापान और चाइना (PM Modi China Visit) के दौरे पर हैं. इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाया गया टैरिफ लागू हो गया है. हालांकि, भारत यूएस समेत इस फैसले की काफी आलोचना हो रही है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप की रोजाना पोल खुल रही है. अब अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार ने एक लेख लिखा है. इसमें बताया गया है कि सीजफायर का क्रेडिट लेते हुए ट्रंप ने पीएम मोदी के सामने हाथ फैलाए थे. फोन कॉल पर मांगे गए उनके फेवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भड़क गए थे. इसी कारण उन्होंने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया और बाद में उसे बढ़ाया भी.
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक सनसनीखेज रिपोर्ट (New York Times report)के मुताबिक, ट्रंप (Donald Trump) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को फोन कर यह दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया है. इसी के बहाने उन्होंने पीएम मोदी से उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने का आग्रह किया. जहां एक महान नेता खुद अपने कर्मों से सम्मान पाता है, वहीं ट्रंप जैसा व्यक्ति सम्मान के लिए भी दूसरों पर निर्भर है. लेकिन पीएम मोदी ने उनकी यह मांग सीधे तौर पर ठुकरा दी, क्योंकि वह किसी भी कीमत पर देश के सम्मान से समझौता नहीं करते.
ये भी पढ़ें: अमेरिकी कोर्ट ने टाइट की डोनाल्ड ट्रंप की ‘हवा’, टैरिफ को बताया अवैध; जानें अब क्या होगा?
अमेरिका और भारत के बीच संबंधों (PM Modi Donald Trump relations) में खटास आ गई है, जिसके पीछे टैरिफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बार-बार भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने का दावा करना मुख्य वजह माना जा रहा है. अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने खुलासा किया है कि 17 जून को ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन कॉल हुई थी, जिसमें ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्हें सैन्य तनाव खत्म करवाने पर कितना गर्व है.
ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा कि पाकिस्तान उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट (Donald Trump Nobel Prize request) करने वाला है, और इसका मतलब यह था कि पीएम मोदी भी ट्रंप को नॉमिनेट करें. लेकिन पीएम मोदी भड़क गए और दो टूक कहा कि भारत-पाक सीजफायर में ट्रंप का कोई लेना-देना नहीं है, यह भारत-पाक के बीच ही तय हुआ था.
ये भी पढ़ें: अमेरिका में खूनी खेल! स्कूल में ताबड़तोड़ फायरिंग, चर्च में भी नहीं बचे मासूम; क्या बोले- डोनाल्ड ट्रंप?
पीएम मोदी की टिप्पणियों को ट्रंप ने नजरअंदाज कर दिया, लेकिन सीजफायर पर असहमति और मोदी द्वारा नोबेल पुरस्कार पर बात करने से इनकार करने की वजह से दोनों नेताओं के बीच संबंध में खटास आ गई. जून में हुई इस फोन कॉल के कुछ समय बाद ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का फैसला किया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में और अधिक तनाव आ गया.
एनवाईटी ने अमेरिका और भारत में एक दर्जन से भी अधिक लोगों के साथ बातचीत के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें ज्यादातर ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त रखी थी. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और पीएम मोदी के बीच संबंध पहले की तुलना में अब खराब हो गए हैं, जो दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास की एक बड़ी वजह है.
ये भी पढ़ें: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मिलेंगी 3 पेंशन, 40 दिनों से ‘मौन’ अब किया आवेदन; जानें खाते में आएंगे कितने पैसे?
पीएम मोदी (PM Modi) ने ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट (Donald Trump Nobel Prize request) करने से इनकार करके यह साबित कर दिया कि भारत किसी भी दबाव में नहीं आएगा. जहां एक तरफ ट्रंप ने अपनी बात नहीं माने जाने पर भारत पर 50% का भारी टैरिफ लगा दिया, वहीं दूसरी तरफ पीएम मोदी ने अपने महान दृष्टिकोण को बनाए रखा. यह घटना दिखाती है कि एक सच्चा नेता और एक महान राष्ट्र अपनी नीतियों पर कायम रहते हुए किसी के दबाव में नहीं आते.
इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…
PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…
India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…
रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…