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पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मिलेंगी 3 पेंशन, 40 दिनों से ‘मौन’ अब किया आवेदन; जानें खाते में आएंगे कितने पैसे?

Jagdeep Dhankhar Pension: उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ का कोई पता नहीं है. हालांकि, उन्होंने राजस्थान विधानसभा सचिवालय में पेंशन के लिए आवेदन किया है. ऐसे में उनको अब 3 पेंशन मिलेंगी. आइये जानें उनके खाते में कितने पैसे आएंगे.

Former Vice President Jagdeep Dhankhar Get Three Pension

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

Jagdeep Dhankhar Pension: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था. अब धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद अब पूर्व विधायक के नाते मिलने वाली पेंशन के लिए फिर से आवेदन किया है. इस आवेदन के बाद अब उन्हें एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग पदों की पेंशन मिलेगी, जिससे उनकी कुल मासिक पेंशन बढ़कर 2.73 लाख रुपये हो जाएगी. आइये जाने इस पेंशन का पूरा गणित क्या है और उन्हें किस पद के लिए पेंशन नहीं मिलेगी.

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Former Vice President Jagdeep Dhankhar) ने 21 जुलाई को अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद से वो कभी मीडिया या किसी और के सामने नहीं आए हैं. बताया जा रहा है कि हेल्थ के कारण वो अपने परिवार के साथ हैं. हालांकि, इस बीच उनके पेंशन आवेदन पर चर्चा होने लगी है.

राजस्थान विधानसभा सचिवालय में आवेदन (jagdeep dhankhar rajasthan)

जगदीप धनखड़ ने पूर्व विधायक के नाते मिलने वाली पेंशन के लिए राजस्थान विधानसभा सचिवालय में फिर से आवेदन किया है. धनखड़ 1993 से 1998 तक किशनगढ़ सीट से कांग्रेस के विधायक रहे थे. विधानसभा सचिवालय ने धनखड़ की पेंशन आवेदन पर प्रक्रिया शुरू कर दी है. उन्हें उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा मंजूर होने की तारीख से पूर्व विधायक की पेंशन मिलनी शुरू होगी.

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हाथ में आएंगी तीन पेंशन (jagdeep dhankhar political career)

  • विधायक- राजस्थान की किशनगढ़ सीट से 1993 से 1998 तक कांग्रेस के विधायक थे
  • सांसद- राजस्थान में झुंझुनू लोकसभा सीट से 1989 से 1991 तक जनता दल से सांसद रहे हैं.
  • राज्यपाल- 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे. हालांकि, इस पद के लिए पेंशन नहीं मिलती.
  • उपराष्ट्रपति- 2022 से 2025 तक भारत के उपराष्ट्र पति रहे हैं.

क्यों रुक गई थी विधायक की पेंशन?

सरकारी पद पर जाते ही पूर्व विधायक की पेंशन बंद हो जाती है, लेकिन विधायक का कार्यकाल पूरा होते ही पूर्व विधायक की पेंशन चालू हो जाती है. पूर्व विधायक अगर किसी भी सरकारी पद पर मनोनीत हो जाते हैं या मंत्री बन जाते हैं तो विधानसभा सचिवालय को इसकी तय फॉर्मेट में सूचना दी जाती है. जब वह पद से हटते हैं तो उन्हें फिर से पूर्व विधायक की पेंशन मिलने लगती है.

धनखड़ को कितनी पेंशन मिलेगी (jagdeep dhankhar pension Calculation)

जगदीप  धनखड़ को तीन तरह (पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक) की पेंशन मिलेगी. पूर्व विधायक को 35 हजार रुपए महीना पेंशन मिलती है, जो हर टर्म के हिसाब से बढ़ती रहती है. धनखड़ एक बार विधायक रहे हैं और उनकी उम्र 75 साल है, इसलिए उन्हें 20 प्रतिशत ज्यादा पेंशन मिलेगी. उन्हें 35 हजार प्रतिमाह में 20 फीसदी जोड़कर पेंशन मिलेगी, जो 42 हजार रुपए होती है.

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धनखड़ को पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर करीब 2 लाख रुपए महीने की पेंशन मिलेगी. पूर्व विधायक के तौर पर 42 हजार रुपए और पूर्व सांसद के तौर पर 31 हजार रुपए हर महीने की पेंशन मिलेगी. इस तरह तीनों पेंशन मिलाकर उन्हें 2 लाख 73 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे.

पद से हटने के बाद पेंशन का प्रावधान

जगदीप धनखड़ का आवेदन बताता है कि एक सरकारी पद पर रहने के दौरान भी व्यक्ति अपनी पिछली सेवाओं के लिए मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित कर सकता है. सरकारी नियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति को एक समय में एक ही पद का वेतन मिलता है, लेकिन अलग-अलग पदों की पेंशन का लाभ उठाया जा सकता है. इस मामले में, धनखड़ को पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक की पेंशन एक साथ मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी.



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