अमेरिका में गन कल्चर
US School Shooting: अमेरिका में बंदूक हिंसा का खूनी खेल एक बार फिर से सामने आया है. मिनियापोलिस के एक स्कूल में हुई सामूहिक गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है. यह सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि मासूमियत पर हुआ एक क्रूर वार है. इस दुखद घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जिसमें हमलावर भी शामिल है, जबकि पांच बच्चों सहित 20 लोग घायल हुए हैं. गोलीबारी की यह घटना उस समय हुई जब बच्चे और शिक्षक स्कूल में मौजूद थे. इस हमले ने एक बार फिर अमेरिका में बंदूक नियंत्रण को लेकर जारी बहस को हवा दे दी है. घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप का भी बयान सामने आया है.
घायलों का इलाज जारी
कम से कम पांच घायल बच्चों को चिल्ड्रन्स मिनेसोटा, एक पेडियाट्रिक ट्रॉमा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हेनेपिन हेल्थकेयर, जिसमें मिनेसोटा का सबसे बड़ा आपातकालीन विभाग है, ने कहा कि वह भी गोलीबारी से प्रभावित मरीजों का इलाज कर रहा है.
शूटर ने खुद को गोली मारी
न्याय विभाग के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि गोलीबारी करने वाला शख्स भी मृतकों में शामिल है. अधिकारी के मुताबिक, शूटर ने खुद को गोली मारी है. हमलावर ने सेमी-ऑटोमेटिक हथियार का इस्तेमाल किया था, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है.
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डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें मिनेसोटा में गोलीबारी की घटना के बारे में पूरी जानकारी दी गई है और एफबीआई घटनास्थल पर मौजूद है. मिनियापोलिस शहर के अधिकारियों ने कहा कि समुदाय के लिए कोई सक्रिय खतरा नहीं है और शूटर को नियंत्रित कर लिया गया है.
एफबीआई की प्रतिक्रिया
एफबीआई निदेशक काश पाटेल ने कहा कि एजेंसी के एजेंट घटनास्थल पर मौजूद हैं और वे स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने लोगों से संभावित पीड़ितों, नागरिकों और कानून प्रवर्तन कर्मियों के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया है.
गवर्नर की प्रतिक्रिया
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने कहा कि उन्हें गोलीबारी की घटना के बारे में जानकारी दी गई है और राज्य पुलिस घटनास्थल पर मौजूद है. उन्होंने कहा कि मैं हमारे बच्चों और शिक्षकों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं, जिनका स्कूल का पहला सप्ताह इस भयानक हिंसा से प्रभावित हुआ है.
लगातार बढ़ रही घटनाएं
मिनियापोलिस में हुई यह घटना अमेरिका में बंदूक हिंसा की बढ़ती समस्या को दर्शाती है. यह हमला सिर्फ एक त्रासदी नहीं, बल्कि एक वेक-अप कॉल है, जो यह बताता है कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एफबीआई ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है, लेकिन जब तक सख्त बंदूक नियंत्रण कानून लागू नहीं होंगे, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे.
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