Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने टूरिस्ट्स से उनका धर्म पूछकर गोली मारी. इस हमले में हरियाणा के बहादुर लेफ्टिनेंट विनय नरवाल शहीद हो गए. देशभर में शहीदों के प्रति शोक और गुस्से की लहर दौड़ रही है.
हमले के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें एक कपल खूबसूरत वादियों के बीच डांस करता नजर आ रहा है. दावा किया गया कि यह वीडियो शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल और उनकी पत्नी हिमांशी का है. यह भी कहा गया कि हमले से ठीक पहले दोनों साथ में यह आखिरी पल बिता रहे थे और फिर आतंकी हमले में विनय नरवाल शहीद हो गए.
वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर दिया. देशभर के नागरिक इस वीडियो को देख कर दुखी हो उठे और कई यूज़र्स ने श्रद्धांजलि देते हुए इस वीडियो को साझा किया.
हालांकि, शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार ने इस वायरल वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है. परिवार ने साफ तौर पर कहा कि इस वीडियो में दिख रहा कपल विनय नरवाल और उनकी पत्नी हिमांशी नहीं हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे संवेदनशील समय में गलत सूचनाएं फैलाने से बचें और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर विश्वास न करें.
इस वायरल वीडियो के बीच, सोशल मीडिया पर एक्टिव एक इन्फ्लुएंसर कपल यशिका शर्मा और आशीष सहरावत ने सामने आकर बड़ा खुलासा किया. दोनों ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा 19 सेकेंड का वीडियो असल में उन्हीं का है. वीडियो में नजर आ रहे लोग वही हैं और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
आशीष और यशिका ने वीडियो जारी कर कहा, “हम जिंदा हैं, यह वीडियो हमारा है, कृपया गलत अफवाहें फैलाना बंद करें.” उन्होंने भी लोगों से अपील की कि शहीद के नाम पर इस तरह का गलत प्रचार न करें और सच्चाई को सामने आने दें.
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया की शक्ति और उसकी जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा कर दिया है. भावनात्मक मुद्दों पर बिना जांच-पड़ताल के फैलाई गई खबरें न केवल भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि शहीदों के परिवार की भावनाओं को भी आहत करती हैं.
वर्तमान समय में जब देश संवेदनशील स्थिति से गुजर रहा है, तब सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ जानकारी साझा करना सभी की नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है.
पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को देश सलाम करता है. लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी जानकारी को बिना पुष्टि के शेयर न किया जाए. देश के लिए बलिदान देने वाले सपूतों के नाम पर झूठी कहानियां फैलाना न केवल अनैतिक है बल्कि समाज के लिए भी नुकसानदायक है.
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-भारत एक्सप्रेस
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