देश

जीवन में सेवा और मौत के बाद दान, पारस जैन निधन के बाद भी जलाएंगे दूसरो के जीवन में उजाला

Paras Jain Death: मध्य प्रदेश की राजनीति से एक बेहद दुखद समाचार आया है. उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे और प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके बीजेपी के वरिष्ठ नेता पारस जैन का इंदौर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके जाने से पूरे मालवांचल में शोक की लहर दौड़ गई.

मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

खबर मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव तुरंत उज्जैन स्थित उनके निवास पहुंचे. उन्होंने पारस जैन के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी. इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे जिन्होंने अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी.

संघर्षशील राजनीतिक सफर

पारस जैन को लोग प्यार से पारस पहलवान कहते थे. उनका राजनीतिक सफर छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से शुरू हुआ. वर्ष 1990 में उन्होंने पहली बार उज्जैन उत्तर से जीत दर्ज की और इसके बाद लगातार छह बार इस सीट पर विजय हासिल की. अपने लंबे करियर में उन्होंने वन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति और ऊर्जा जैसे कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली और प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया.

सीएम ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए कहा कि पारस जैन का जाना पार्टी और प्रदेश दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जैन हमेशा साफ‑सुथरी राजनीति और जनसेवा के लिए जाने जाते थे.

ये भी पढ़ें-सेवा नहीं साजिश का औजार! FCRA बिल से कैसे विदेशी फंड पर लगेगी लगाम? जानें कानून के 50 साल का इतिहास

समाज सेवा की मिसाल

पारस जैन ने अपने जीवनकाल में समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश की. उन्होंने नेत्रदान और अंगदान का संकल्प लिया था. परिजनों के अनुसार, उन्होंने अपने अंतिम समय में संथारा भी ग्रहण किया. तय परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार से पहले उनके नेत्र और अंग दान किए जाएंगे ताकि वे जाने के बाद भी जरूरतमंदों के जीवन में उजाला ला सकें. उनके इस कदम की हर तरफ सराहना हो रही है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

PM मोदी के जन्मदिन से पहले भाजपा ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया, रैली में कवर होंगे 1,159 गांव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक सेवा काल को पूरा करने के अवसर…

4 hours ago

संजू-अभिषेक का तूफानी गदर: भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, सीरीज पर 2-0 से जमाया कब्जा

India Vs Afghanistan T20: भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में…

4 hours ago

समुद्र में फ्लेयर्स, हवा में घुसा ड्रोन! रूस की खतरनाक हरकतों पर अलर्ट मोड में NATO और यूरोपीय संघ

Russia Europe Tensions: रूस की ओर से यूरोप में लगातार हो रही 'उकसावे की कार्रवाइयों'…

5 hours ago

‘टक्कर इतनी तेज कि हवा में उछला युवक…’ ग्रेटर नोएडा के मूर्ति चौक पर हुआ दर्दनाक हादसा

ग्रेटर नोएडा के मूर्ति चौक पर तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे युवक…

5 hours ago

बिहार पुलिस महकमे में क्या पक रहा है? दो शीर्ष अधिकारियों के अचानक छुट्टी पर जाने से मचा हड़कंप

BPSSC Chairman Leave: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व…

6 hours ago