देश

Chhangur Baba जैसे लोग देश के लिए ग्रहण, अवैध धर्मान्तरण के नाम पर 579 जिलों में छांगूर गैंग सक्रिय

छांगुर बाबा (Chhangur Baba) सामज के लिए जहर से कम नहीं है. उसका गैंग करीब-करीब देश के 579 जिलों में सक्रिय हैं. इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि छांगुर बाब जैसे लोग देश और समाज के लिए कितना बड़ा ग्रहण है. उसके गैंग में तीन हजार से ज्यादा गुर्गे सक्रिय थे. वो धर्म परिवर्तन से पहले हिंदू (Hindu) बहुसंख्यक जिलों की पड़ताल करवाता था.

हिंदू यूवतियों को मुस्लिम धर्म (Muslim Religion) अपनाने के लिए अभियान चलाता था. छांगुर के गुर्गे हिंदू बनकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे. छांगुर बाबा देश में मुस्लिम आबादी बढ़ाने के लिए ये अभियान चला रहा था. और इस पूरे अभियान की निगरानी छांगुर का बेटा कर रहा था. आजमगढ़ में अपने भतीजे सबरोज और औरैया में मेराज को धर्म परिवर्तन (Religion Change) की जिम्मेदारी सौंपी थी.

अतीक के लिए चुनाव में किया प्रचार

बता दें कि 2014 के चुनाव में माफिया अतीक अहमद (Ateeq Ahmed) ने श्रावस्ती लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, उस दौरान छांगुर बाबा ने अतीक के साथ न सिर्फ मंच साझा किया, बल्कि मुस्लिम बहुल इलाकों में जाकर वोट भी मांगता था.

अतीक अहमद सपा से चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर थी, हालांकि भाजपा के दद्दन मिश्रा ने अतीक अहमद को चुनाव में हरा दिया था, और छांगुर बाबा (Chaangur Baba) का कोई भी पैंतरा उस चुनाव में काम नहीं आया था.

छांगुर बाबा को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद और वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि बलरामपुर से धर्मांतरण को लेकर सामने आए इस मामले ने मानवता को शर्मसार कर दिया है. छांगुर बाबा जैसे लोग पूर्व की सरकारों के संरक्षण में फल-फूल रहे थे. सभी लोगों को पता है कि ऐसे लोगों को पिछली सरकारों में किस तरह से राजनीतिक संरक्षण दिया जाता था. दद्दन मिश्रा ने आगे कहा कि अब जरूरी है कि छांगुर बाबा जैसे लोगों पर जांच एजेंसियां सख्त कार्रवाई करें, इसके साथ ही जो लोग इनको संरक्षण दे रहे थे, उनपर भी कार्रवाई हो.

Chaangur Baba को मिली 100 करोड़ की फंडिंग

आपको बता दें कि यूपी पुलिस ने छांगुर बाबा, उसकी करीबी नीतू रोहरा, नीतू के पति जलालुद्दीन और छांगुर बाबा के बेटे को गिरफ्तार किया है. पुलिस धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है. छांगुर बाबा मामले में ईडी ने भी केस दर्ज कर उसके विदेशी लेन-देन की जांच में जुट गई है. बताया जा रहा है कि छांगुर बाबा के पास 100 करोड़ से भी ज्यादा की फंडिंग विदेशों से आई है. इस मामले में एटीएस भी जांच कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

एशियाई खेल: पीएम मोदी ने महिला 4×400 मीटर रिले टीम को दी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक की बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में महिला 4x400m रिले टीम (किरण, पूवम्मा, प्राची और…

6 minutes ago

पूर्वांचल के किंगमेकर: ओम प्रकाश राजभर ने उप-जाति की पहचान को कैसे बनाया राजनीतिक पूंजी

पूर्वांचल की राजनीति में ओम प्रकाश राजभर एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी उप-जाति की…

18 minutes ago

न सांसद, न विधायक फिर भी राजनीति के अमर योद्धा, जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय?

पंडित दीनदयाल उपाध्याय न सांसद बने न विधायक, लेकिन सिद्धांतों और मूल्यों की राजनीति के…

1 hour ago

दिल्ली-NCR में लागू हुआ नया GRAP, AQI के हिसाब से लगेंगी 4 लेवल की पाबंदियां, खराब हवा में बढ़ेगी पार्किंग फीस

Delhi GRAP New Rules: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर CAQM ने 29 सितंबर 2026…

1 hour ago

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में CJI की एंट्री पर नया दांव, सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल

सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश…

1 hour ago

भूमिहीन, मजदूरी और सम्मान: बिहार के गांवों में आज भी क्यों कायम है वामपंथ की पकड़?

बिहार में वामपंथ सिर्फ एक चुनावी ताकत नहीं है, बल्कि यह जमीन, मजदूरी और सम्मान…

1 hour ago