देश

PM फसल बीमा योजना को 2026 तक बढ़ाया गया, 2024 में 4 करोड़ से अधिक किसानों का हुआ फायदा: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार (1 जनवरी) को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम फसल बीमा योजना को 2026 तक बढ़ाने पर सहमति जताई है. उन्होंने कहा कि 2024 में इस योजना से 4 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे.

कृषि मंत्रा ने कहा


“आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम फसल बीमा योजना को 2026 तक बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसका कुल बजट 69,515,071 लाख रुपये है. जोखिम कवरेज फसल की बुवाई से लेकर भंडारण तक होगा. पिछले साल किसानों से 8 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए और 4 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला. किसानों को दावे के रूप में 1,70,000 करोड़ रुपये मिले. इस योजना को 2026 तक बढ़ाया जा रहा है.”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने DAP को अग्रिम रूप से संग्रहीत और भंडारण करने का निर्णय लिया है. इसके लिए 3850 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

चावल पर न्यूनतम निर्यात मूल्य हटाया गया

कृषि मंत्री ने कहा, “दूसरा फैसला चावल निर्यात का है. चावल पर न्यूनतम निर्यात मूल्य हटा दिया गया है. आज भारत और इंडोनेशिया के बीच गैर-बासमती सफेद चावल के व्यापार को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं. भारत एक मिलियन मीट्रिक टन गैर-बासमती सफेद चावल का निर्यात करेगा.”

पीएम मोदी ने अपने मैसेज में कहा, “नए साल का पहला फैसला हमारे देश के करोड़ों किसान भाइयों और बहनों को समर्पित है. हमने फसल बीमा के लिए आवंटन बढ़ाने को मंजूरी दी है. इससे जहां किसानों की फसलों को अधिक सुरक्षा मिलेगी, वहीं नुकसान की चिंता भी कम होगी.”

इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2021-22 से 2025-26 तक 69,515.71 करोड़ रुपये के ओवरऑल बजट के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को 2025-26 तक जारी रखने को मंजूरी दी.

इस निर्णय से 2025-26 तक देश भर के किसानों के लिए गैर-रोकथाम योग्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के जोखिम कवरेज में मदद मिलेगी.

टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए 824.77 करोड़

इसके अलावा, योजना के कार्यान्वयन में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए पारदर्शिता, क्लेम कैलकूलेशन और सेटलमेंट को बढ़ाने के लिए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 824.77 करोड़ रुपये के कोष के साथ इनोवेशन और टेक्नोलॉजी फंड (FIAT) के निर्माण को भी मंजूरी दी है. इस फंड का उपयोग योजना के तहत तकनीकी पहलों, जैसे कि YES-TECH और WINDS, के साथ-साथ अनुसंधान और विकास अध्ययनों के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा.

YES-TECH टेक्नोलॉजी आधारित उपज अनुमानों के लिए न्यूनतम 30 प्रतिशत भार के साथ उपज अनुमान के लिए रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग करती है. वर्तमान में नौ प्रमुख राज्य (आंध्र प्रदेश, असम, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और कर्नाटक) इसे लागू कर रहे हैं. अन्य राज्यों को भी तेजी से शामिल किया जा रहा है. यस-टेक के व्यापक क्रियान्वयन के साथ, फसल कटाई प्रयोग और संबंधित मुद्दे धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे.

यस-टेक के तहत 2023-24 के लिए दावा गणना और निपटान किया गया है. मध्य प्रदेश ने 100 प्रतिशत प्रौद्योगिकी आधारित उपज अनुमान को अपनाया है. सरकार ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के सभी किसानों को प्राथमिकता के आधार पर संतृप्त करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं और आगे भी किए जाएंगे.

हालांकि, योजना स्वैच्छिक होने और पूर्वोत्तर राज्यों में कम सकल फसल क्षेत्र के कारण, धन के समर्पण से बचने और धन की आवश्यकता वाले अन्य विकास परियोजनाओं और योजनाओं में पुनर्आवंटन के लिए लचीलापन दिया गया है.

-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

Recent Posts

मुजफ्फरनगर में MBBS छात्रा ने किया सुसाइड, फंदे से कमरे में लटका मिला शव

मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा शगुन सैनी ने…

3 minutes ago

क्या है दशहरे की तरह रूस में मनाए जाने वाला मस्लेनित्सा? जानें 400 साल पुराने कहानी

Russian Maslenitsa Tradition Like Dussehra: दशहरे की तरह रूस में भी पुतला जलता है. जानिए…

13 minutes ago

बदन पर खाकी, हरकतों से अपराधी! पंडाल में ASI ने वालंटियर से की छेड़छाड़, जानें फिर क्या हुआ?

कोलकाता के सुरुचि संघ दुर्गा पूजा पंडाल में 21 वर्षीय महिला वालंटियर से छेड़छाड़ के…

23 minutes ago

मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण की पीएम मोदी ने की तारीफ, ‘पंच परिवर्तन’ को बताया समाज के लिए अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के विजयादशमी…

23 minutes ago

कहीं कॉकरोच तो कहीं दिमागी नक्सल..! दिल्ली में रावण पुतले के साथ दिखेंगे ये नजारे

दिल्ली में दशहरा 2026 पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच…

29 minutes ago

दिल्ली बनेगी साबरमती! बदलेगी यमुना की तकदीर, क्या है 9000 करोड़ का प्लान?

Delhi Yamuna Cleaning Plan: दिल्ली सरकार 9 हजार करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से साबरमती की…

37 minutes ago