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“कुछ देश आतंकियों को पनाह देते हैं”, SCO के मंच से पीएम मोदी का पाकिस्तान पर प्रचंड प्रहार

पीएम मोदी ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वर्चुअल शिखर सम्मेलन की मेजबानी की. इस बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ शामिल हुए. यह बैठक ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रही है, जब पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हैं और यूरोप में युद्ध छिड़ा हुआ है. सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पाकिस्तान को खूब खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने दुनियाभर के नेताओं के सामने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर बेनकाब कर दिया. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ देश आतंकियों को पनाह देते हैं. पीएम मोदी ने वैश्विक लीडरों के सामने कहा, ” आतंकवाद किसी भी रूप में उसके खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़नी होगी. बता दें कि जब पीएम बैठक के दौरान पड़ोसी मुल्क को लताड़ रहे थे उस वक्त पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ भी मौजूद थे.

अफगानिस्तान और ईरान पर पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ”अफगानिस्तान के हालात का हम सभी देशों की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ा है. अफगानिस्तान को लेकर भारत की चिंताएं और अपेक्षाएं एससीओ के ज्यादातर सदस्य देशों की तरह ही हैं. हमें इसके लिए एकजुट प्रयास करने होंगे. अफगानिस्तान के लोगों का कल्याण…यह महत्वपूर्ण है कि अफगानिस्तान की भूमि का उपयोग पड़ोसी देशों में अशांति फैलाने या चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाए.” उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि ईरान हमारे एससीओ परिवार में शामिल होने जा रहा है और उन्होंने राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी और देश को बधाई भी दी.

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वैश्विक संकटों पर पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि खाद्य ईंधन संकट दुनिया भर के सभी देशों की वास्तविकता है. उन्होंने कहा कि उर्वरक संकट हर देश के लिए एक बड़ी चुनौती है, हमें खुद से पूछना होगा कि क्या हम नई चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं या नहीं. उन्होंने सीमा पार आतंकवाद की भी निंदा की और कहा कि इससे मिलकर लड़ना होगा.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि स्टार्ट-अप और इनोवेशन, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण और साझा बौद्ध विरासत एससीओ के पांच स्तंभ रहे हैं. उन्होंने कहा कि परिवहन में: डीकार्बोनाइजेशन, डिजिटल बुनियादी ढांचे, भारत एससीओ के माध्यम से लोगों को लोगों से जोड़ना चाहता है, पहली बार एससीओ बाजरा खाद्य महोत्सव, फिल्म महोत्सव, साझा बौद्ध विरासत पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था.

-भारत एक्सप्रेस

Rakesh Kumar

Sr. Sub-Editor

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