Quad meeting New Delhi 2026: हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और मुक्त व्यापार को सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली में ‘क्वाड’ (Quad) देशों की एक बेहद अहम बैठक हुई. इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग शामिल हुए. यह सिर्फ एक चर्चा का मंच नहीं था, बल्कि दुनिया की एक-तिहाई जीडीपी (GDP) का प्रतिनिधित्व करने वाले इन 4 लोकतांत्रिक देशों ने ऐसे बड़े फैसले लिए हैं, जो सीधे तौर पर इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते सैन्य और आर्थिक दबदबे को चुनौती देते हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद 3 बड़े और रणनीतिक फैसलों की जानकारी दी है.
सबसे बड़ा फैसला ‘इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम कोऑपरेशन सर्विलांस’ और ‘रियल टाइम कमर्शियल मैरीटाइम डोमेन इन्फॉर्मेशन इकोसिस्टम’ शुरू करने का है. इसके तहत चारों देश अपनी निगरानी क्षमता को आपस में जोड़ेंगे और समंदर में होने वाली हर गतिविधि की रियल-टाइम (Real-time) जानकारी शेयर करेंगे. दक्षिण चीन सागर में अपना सैन्य दबदबा बढ़ाने की कोशिश कर रहे चीन के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि अब उसकी हर गतिविधि पर 4 देशों की कड़ी नजर रहेगी.
क्वाड देश मिलकर प्रशांत द्वीप देश ‘फिजी’ (Fiji) के बंदरगाह (Port) के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करेंगे. यह क्वाड का पहला संयुक्त क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है. फिजी की भौगोलिक स्थिति (लोकेशन) रणनीतिक रूप से बेहद अहम है, क्योंकि यह अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और एशिया के समुद्री रास्तों के बीच स्थित है. यह कदम प्रशांत द्वीपों में चीन के बढ़ते निवेश और प्रभाव को रोकने के लिए एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है.
ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के संभावित बंद होने के खतरे को देखते हुए, क्वाड देशों ने ‘क्वाड इनिशिएटिव ऑन इंडो-पैसिफिक एनर्जी सिक्योरिटी’ का ऐलान किया है. इसका मकसद क्षेत्र में ईंधन, उर्वरक और ऊर्जा सप्लाई चेन को मजबूत करना है. इसके साथ ही, ‘क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क’ (Quad Critical Minerals Framework) भी लॉन्च किया गया है, ताकि अहम खनिजों की सप्लाई के लिए किसी एक देश (खासकर चीन) पर निर्भरता कम की जा सके.
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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह पालन होना जरूरी है और समुद्र के नीचे बिछे केबल्स से लेकर सुरक्षित संचार नेटवर्क (5G, 6G) तक, क्वाड देश हर क्षेत्र में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं. वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि क्वाड अब सिर्फ बात करने का मंच नहीं है, बल्कि साझा मूल्यों और मजबूत लोकतंत्र वाले देशों का एक अभेद्य गठबंधन बन चुका है. चीन लगातार आरोप लगाता रहा है कि क्वाड उसे रोकने की कोशिश कर रहा है, और नई दिल्ली में लिए गए इन फैसलों से ड्रैगन का यह डर अब हकीकत में बदलता नजर आ रहा है.
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