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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौर में भारत की विदेश नीति का सबसे अहम पहलू ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ और ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ है. भारत एक ओर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड के जरिए हिंद-प्रशांत में सहयोग बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर रूस, चीन और ग्लोबल साउथ के साथ BRICS जैसे मंचों पर भी सक्रिय है.

Quad meeting New Delhi 2026: नई दिल्ली में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की क्वाड (Quad) बैठक संपन्न हुई. इंडो-पैसिफिक में निगरानी, फिजी में पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बड़े फैसले लिए गए, जो चीन के समुद्री दबदबे को सीधी चुनौती देंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) 17 सितंबर को 75 साल के हो जाएंगे. पिछले एक दशक में उनके नेतृत्व में भारत ने दुनिया के मंचों पर अपनी मौजूदगी मजबूती से दर्ज कराई है.

US-India Partnership: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के गणतंत्र दिवस पर कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी 21वीं सदी के लिए परिभाषित संबंध बनेगी, और दोनों देशों के बीच सहयोग में वृद्धि होगी.

QUAD समिट में क्वाड सदस्यों से बातचीत के दौरान बाइडेन ने दक्षिण चीन सागर में जबरदस्ती खौफ पैदा करने वाली गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की. उन्होंने शी जिनपिंग का नाम लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं, जिनसे चीन जल-भुनेगा!

PM मोदी ने यात्रा के दौरान अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ व्यापक बातचीत की और यहां एक विशेष सामुदायिक कार्यक्रम में भी भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि क्वाड इंडो-पैसिफिक में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है और गठबंधन रचनात्मक एजेंडे और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ रहा है.

जापान में ग्रुप ऑफ सेवेन (G-7) से अलग क्वाड (Quad) की बैठक हुई. क्वाड के सदस्य देश भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने जरूरी मसलों पर अपनी बातें कीं.

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर पिछले साल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा था, ‘यह युग युद्ध का नहीं है. मोदी की इस टिप्पणी के लिए दुनियाभर के नेताओं ने उनकी प्रशंसा की थी.