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Rajasthan Election: बस्सी सीट पर रोचक मुकाबला, आमने-सामने दो अफसर दोस्त, एक IAS तो दूसरा IPS

Rajasthan Election: राजस्थान विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ गई है. गांव से लेकर शहर भर में अब प्रचार-प्रसार ने जोर पकड़ लिया है. सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से अपने वोटों को लेकर गुणा-भाग करने में जुट गई है. पार्टियों ने लगभग सभी सीटों पर उम्मीदवार फाइनल कर दिए हैं. कहीं पति-पत्नी आमने-सामने चुनाव लड़ रही हैं तो कहीं पति का टिकट काट पत्नी को मैदान में उतारा गया है. इन सबके बीच राजस्थान की एक सीट की चर्चा खूब हो रही है. वो है बस्सी विधानसभा सीट. यहां से दो दोस्त आमने-सामने चुनाव लड़ रहे हैं. यह सीट इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि यहां से आईएएस और आईपीएस चुनाव लड़ रहे हैं.

पूर्व IAS और IPS के बीच चुनावी जंग

बता दें कि बस्सी विधानसभा में कांग्रेस ने रिटर्निंग आईपीएस लक्ष्मण मीणा को मैदान में उतारा है. वहीं बीजेपी ने रिटायर आईएएस चंद्रमोहन मीणा को उम्मीदवार बनाया है. हैरत की बात ये है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने पूर्व आईएएस और आईपीएस को टिकट दिया है.

बताया जाता है कि चंद्र मोहन मीणा और लक्ष्मण मीणा रिश्तेदार हैं, बचपन से ही दोनों में दोस्ती है. दोनों का गांव भी आसपास ही है. लक्ष्मण मीणा उम्र में चंद्रमोहन से थोड़े बड़े हैं. हालांकि, फिर भी दोनों ने एक साथ ही पढ़ाई-लिखाई की. यहां तक की कॉलेज भी दोनों साथ ही गए. बता दें कि लक्ष्मण सिया कबास का रहने वाला है. जबकि चंद्रमोहन बास गांव का. चंद्रमोहन को 2015 से 2019 तक राज्य सरकार में सूचना आयुक्त बनाया गया था.

यह भी पढ़ें: राजस्थान में ACB के हत्थे चढ़े ED के 2 अधिकारी, मामला खत्म करने के लिए ली 15 लाख की रिश्वत

बता दें कि चंद्रमोहन 1980 बैच के अधिकारी है. वो 1988 से 1990 तक जालोर जिले के कलेक्टर थे. उस समय लक्ष्मण एसपी थे. चंद्रमोहन 2000 से 2002 तक बीकानेर में डीसी थे. तो उस दौरान आईजी के पद पर लक्ष्मी मीना थीं. अब दोनों मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं.

बस्ती विधानसभा सीट का समीकरण

चुनाव आयोग के मुताबिक, बस्सी विधानसभा सीट पर 2 लाख 33 हजार 74 मतदाता हैं. इसमें 1 लाख 21 हजार 481 पुरुष मतदाता हैं, जबकि 1 लाख 11 हजार 293 महिला मतदाता हैं. इस बार 15 हजार 648 नए वोट जुड़े हैं. ऐसे में इस विधानसभा सीट पर मीना समुदाय के करीब 50 हजार वोटर हैं. साल 2018 में लक्ष्मण ने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी.

-भारत एक्सप्रेस

Rakesh Kumar

Sr. Sub-Editor

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