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“इंडियंस आर डॉग” कहकर अंग्रेजों ने महात्मा गांधी से की थी बदसलूकी, वैसे ही महिलाओं व शूद्र को… स्वामी प्रसाद मौर्य के ट्वीट से फिर चढ़ा सियासी पारा

Ramcharitmanas: श्रीरामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करने के बाद से सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. गुरुवार को किए अपने ताजा ट्विट में उन्होंने महिलाओं और शूद्र के दर्द को लेकर लिखा कि, “इंडियंस आर डॉग” कहकर अंग्रेजों ने जो अपमान व बदसलूकी ट्रेन में गांधी जी से की थी, वह दर्द गांधी जी ने ही समझा था. उसी प्रकार धर्म की आड़ में जो अपमानजनक टिप्पणियां महिलाओं व शूद्र समाज को की जाती हैं, उसका दर्द भी महिलायें और शूद्र समाज ही समझता है.

मालूम हो कि हाल ही में रामचरितमानस पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि रामचरितमानस में दलितों और महिलाओं का अपमान किया गया है. तुलसीदास ने इसे अपनी खुशी के लिए लिखा था. करोड़ों लोग इसे नहीं पढ़ते. उन्होंने सरकार से इस पर प्रतिबंध तक लगाने की मांग तक कर दी. मौर्य ने रामचरितमानस को बकवास बताते हुए इसकी कुछ चौपाइयां हटवाने की मांग की है. इसी के साथ ये भी कहा था कि, “धर्म की दुहाई देकर आदिवासियों, दलितों-पिछड़ों व महिलाओं को अपमानित किए जाने की साजिश का विरोध करता रहूंगा, जिस तरह कुत्तों के भौंकने से हाथी अपनी चाल नहीं बदलता, उसी प्रकार इनको सम्मान दिलाने तक मैं भी अपनी बात नहीं बदलूंगा.” इसी के साथ मौर्य ने साधु, संतों व धर्माचार्यों पर भी अपमानजनक टिप्पणी की थी.

ये भी पढ़ें- Ramcharitmanas: श्राप देकर भस्म कर देते, 21 लाख भी बच जाते- ‘सिर तन से जुदा’ वाले महंत राजू दास के ऐलान पर स्वामी प्रसाद मौर्य का पलटवार

तो वहीं साधु-संतों ने भी पलटवार करते हुए जमकर बयानबाजी की है. महंत राजू दास ने तो यह तक कह दिया है कि जो मौर्य का सिर तन से जुदा करेगा उसे 21 लाख का इनाम दिया जाएगा. तो इस पर मौर्य ने भी पलटवार करते हुए कहा था कि “हर असंभव कार्य को संभव करने का नौटंकी करने वाले एक धाम के बाबा की धूम मची है. आप कैसे बाबा है जो सबसे सशक्त पीठ के महंत होने के बावजूद सिर तन से जुदा करने का सुपारी दे रहे हैं, श्राप देकर भी तो भस्म कर सकते थे. 21 लाख ₹ भी बचता, असली चेहरा भी बेनकाब न होता.”

मौर्य व साधु-संतों के बीच खींची इस तरह की बयानबाजी की तलवार के बीच ही दोनों पक्षों के समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी प्रदेश में जमकर हो रहे हैं. जहां मौर्य के समर्थकों ने रामचरितमानस की प्रतियां जलाकर अपमान किया तो वहीं विरोध में हिंदू संगठनों ने स्वामी प्रसाद मौर्य सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों पर लखनऊ के हजरतगंज में मुकदमा दर्ज करा दिया है. बावजूद इसके बयानबाजी का विवादित दौरा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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