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Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी. इसको लेकर काशी के विद्वान पूजा सामग्री के साथ अयोध्या पहुंच चुके हैं और 16 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान भी शुरू हो जाएगा. ताजा खबर सामने आ रही है कि 18 जनवरी को दोपहर में रामलला गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे और रामलला की श्यामल मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी को की जाएगी.
बता दें कि इसकी जानकारी राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ग्यारह सदस्यों की बैठक में दी गई. हाल ही में ये बैठक हुई थी, जिसमें तीन मूर्तियों में से एक मूर्ति का चयन करने के साथ ही कई अन्य निर्णय भी लिए गए. 22 जनवरी को होने वाले मंदिर के उद्घाटन को लेकर सभी राम भक्तों को बेसब्री से इंतजार है. इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मूर्ति को लेकर जानकारी दी कि मंदिर में श्यामल मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी. इसी के साथ ही उन्होंने बताया है कि रामलला का नगर भ्रमण अब नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि 5 वर्षीय रामलला विष्णु के अवतार हैं. इसी के साथ ही उन्होंने ये भी जानकारी दी कि भगवान राम की तीन मूर्तिकारों ने तीन अलग अलग मूर्तियां बनाई हैं, जिसमें से एक का चयन किया गया है. रामलला की मूर्ति पैर की उंगली से आंख की ललाट तट 51 इंच ऊंची होगी. 16 जनवरी से प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान प्रारंभ हो जाएगा और 18 जनवरी को दोपहर में रामलला गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे.
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इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि रामलला की मूर्ति डेढ़ टन की होगी और वह मूर्ति श्यामल है. बता दें कि गर्भगृह में विराजमान करने के लिए तीन मूर्तियों का निर्माण अलग-अलग कारीगर द्वारा किया जा रहा था, फिलहाल मैसूर के अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई श्यामल मूर्ति का चुनाव कर लिया गया है. दो मूर्तियां कर्नाटक के काले पत्थर से बनाई गई हैं, जबकि तीसरी मूर्ति राजस्थान के मकराना के सफेद पत्थर की है. एक जनवरी को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मूर्ति चयन को लेकर जानकारी दी थी. रामलला की मूर्ति काले पत्थर की होगी. इस मूर्ति को मैसूर के अरुण योगीराज ने बनाया है. तो वहीं मंदिर के प्रथम चरण के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है. ताकि 22 जनवरी को कार्यक्रम का आयोजन किया जा सके. मालूम हो कि 23 जनवरी से मंदिर के पट आम जनता के लिए खोल दिए जाएंगे.
बता दें कि देश भर से राम मंदिर को भेंट देने के लिए सामग्री भेजी जा रही है. इसी क्रम में लखीमपुर खीरी से भारी मात्रा में खाद्य पदार्थ सीता रसोई के लिए भेजी जा रही है जिसका उपयोग 22 जनवरी को किया जाएगा. इस दिन दूरदराज से आए लोगों को भोजन करने और प्रसाद के रूप में ये खाद्य पदार्थ वितरित किया जाएगा. इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे श्री राम जन्मभूमि अयोध्या ट्रस्ट के सदस्य राजेंद्र सिंह, कौशल किशोर प्रांत प्रचारक आरएसएस, प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता के द्वारा ट्रकों को झंडी दिखाकर रवाना किया गया. इस दौरान आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे.
बता दें कि 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी सहित देश भर के सैकड़ों वीवीआईपी मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या में कड़ी सुरक्षा का बंदोबस्त किया जा रहा है. इसी के साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए नया आदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि, इस दिन सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी अपना स्मार्ट फोन इस्तेमाल नहीं करेंगे. बहुत जरूरी होने पर ही फोन करेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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