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Ayodhya Ram Mandir: अहमदाबाद से अयोध्या के लिए रवाना हुए ध्वज दंड, जानें क्या है इसकी खासियत, क्यों किया जाएगा मंदिर में स्थापित

Ayodhya Ram Mandir: भगवान राम की नगरी अयोध्या में 22 जनवरी को मंदिर का उद्घाटन है. कार्यक्रम को बहुत ही कम दिन रह गए हैं. तो वहीं देश के तमाम हिस्सों से सामग्री भेजे जाने का सिलसिला जारी है. इसी क्रम में आज सुबह ही अयोध्या के राम मंदिर में प्रतिष्ठित होने वाले ध्वज दंड अहमदाबाद से रवाना किए गए हैं. इनको आज विधि विधान से रवाना करने के लिए मौके पर जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज के साथ ही गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मौजूद रहे. इसी के साथ ही एक बड़े ट्रक में सभी 7 ध्वजदंड को प्रस्थान करवाया गया. इस अवसर पर तमाम अन्य साधु संत भी मौजूद रहे.

बता दें कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर देश भर में उत्साह देखा जा रहा है. इससे पहले गुजरात से प्राण प्रतिष्ठा के लिए 108 फीट लंबी अगरबत्ती रवाना की जा चुकी है तो वहीं अब अयोध्या राम मंदिर प्रांगण में स्थापित होने वाले अनूठे नगाड़े को रवाना किया गया है. इसी के साथ ही मंदिर में स्थापित किए जाने वाले पीतल के ध्वज दंडों को अयोध्या भेजा गया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दोनों स्थानों पूजा-अर्चना के इन चीजों को अयोध्या के लिए रवाना किया. मालूम हो कि सीएम ने एक बड़े ट्रक पर रखे गए इन ध्वज दंडों को अयोध्या जाने के लिए हरी झंडी दिखाई है. अयोध्या में राम मंदिर के लिए अहमदाबाद में शास्त्रोक्त रूप से पीतल का ध्वजदंड तैयार किया गया है. इन ध्वजदंडों का निर्माण भरतभाई मेवाड़ा और उनकी टीम अंबिका इंजीनियरिंग वर्क्स द्वारा किया गया है.

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5500 किलो है ध्वजदंड का वजन

बता दें कि ध्वजदंड का कुल वजन 5,500 किलोग्राम है. इनको मंदिर में स्थापित किया जाएगा. कंपनी ने कुल सात ध्वज दंडों का निर्माण किया है. अहमदाबाद की जिस अंबिका इंजीनियरिंग वर्क्स ने इन्हें बनाया, वह 81 साल पुरानी है. शास्त्रों के मुताबिक, मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान इस ध्वदंड का स्थापित होना आवश्यक होता है. कंपनी के प्रमुख भरत मेवाड़ा बताते हैं कि इन ध्वज दंडों के जरिए ब्रह्मांड की ऊर्जा को भगवान के गर्भगृह तक में आएगी.

तीन महीने में बना है अनोखा नगाड़ा

मालूम हो कि राम मंदिर उद्घाटन से पहले भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से चावल भेजे गए हैं तो वहीं अलीगढ़ से विशेष ताला भेजा गया है. इसी के साथ अब परिसर में स्थापति होने वाले इस नगाड़े को अहमदाबाद के डबगर समाज ने बनाया है. समाज के लोगों ने तीन महीने की मेहनत से इसे तैयार किया है. इस नगाड़े की खासियत ये है कि इस पर सोने के वरख चढ़ा है और यह नगाड़ा 56 इंच का है. अखिल भारतीय डबगर समाज की ओर से इसे तैयार किया गया है. विशाल एवं कलात्मक नगाड़ा का सीएम ने पूजन किया और फिर उसे अयोध्या के लिए रवाना किया है. इसे 20 कारीगरों ने तैयार किया है और इसका कुल वजन 500 किलोग्राम है. इसके निर्माण में आठ लाख रुपये का खर्च आया है.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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