देश

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने केंद्रीय मंत्री पद से दिया इस्तीफा, कहा- ‘हमारे साथ नाइंसाफी हुई’

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने मंगलवार (19 मार्च) को केंद्रीय मंत्री पद से यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि ‘उनके और उनकी पार्टी के साथ अन्याय हुआ’ है. बिहार में एनडीए के सीट-बंटवारा समझौते में उनके एलजेपी गुट का कोई उल्लेख नहीं होने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है.

त्याग-पत्र देने के बाद उन्होंने कहा, ‘5-6 दिन पहले मैंने प्रेस वार्ता में कहा था कि मैं तब तक इंतजार करूंगा, जब तक NDA सीटों की घोषणा नहीं करती. मैंने बहुत ईमानदारी से NDA की सेवा की. पीएम नरेंद्र मोदी देश के बड़े नेता हैं, लेकिन हमारी पार्टी और व्यक्तिगत रूप से हमारे साथ नाइंसाफी हुई. इसलिए मैं केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देता हूं.’

बता दें कि पशुपति पारस मोदी सरकार में खाद्य और प्रसंस्करण मंत्री थे. दरअसल भाजपा बिहार में 17 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उसकी सहयोगी जदयू 16 सीटों पर, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) 5 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी. जबकि जीतन राम मांझी की ‘हम’ और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) 1-1 सीट पर चुनाव लड़ेगी. पशुपति कुमार पारस की नाराजगी उनको एक भी सीट न दिए जाने के कारण से थी. इसी के चलते उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

एनडीए के सीट बंटवारे में पारस को एक भी सीट नहीं मिली

जमुई के सांसद चिराग पासवान ने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस से बेहतर प्रदर्शन किया, जिन्होंने 2022 में लोजपा से अलग होकर इसे दो धड़ों में विभाजित कर दिया था. पारस वर्तमान में हाजीपुर के सांसद हैं. इस बार भाजपा से वह अपने दल आरएलजेपी के लिए कोई सीट पाने में असफल रहे. भाजपा ने अपने आकलन के मद्देनजर चिराग को प्राथमिकता दी कि वह उनके पिता स्वर्गीय राम विलास पासवान की विरासत के ‘असली दावेदार’ हैं और उनकी पासवान वोट पर पकड़ रहेगी.

पारस के बारे में कहा जा रहा है कि वे विपक्ष के इंडिया गठबंधन खेमे के संपर्क में हैं. अगर वे पाला बदलते हैं, तो हाजीपुर में चिराग और पारस के बीच मुकाबला हो सकता है, जिस सीट का राम विलास ने 9 बार प्रतिनिधित्व किया है.

इन सीटों पर चुनाव लड़ेगी भाजपा

भाजपा औरंगाबाद, अररिया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सारण, महाराजगंज, उजियारपुर, नवादा, पटना साहिब, बेगूसराय, सासारा, आरा, बक्सर और पाटलिपुत्र समेट 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

इसे भी पढ़ें: पतंजलि ने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना नोटिस का नहीं दिया कोई जवाब, SC ने दिया अगली तारीख पर पेश होने का आदेश

Rohit Rai

Recent Posts

‘₹500 दो वरना गोली मार देंगे…’: इटावा में रंगदारी न मिलने पर दबंगों ने चलाईं गोलियां, 2 घायल

इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…

5 hours ago

दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा, मुंबई और पुणे से गोरखपुर के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…

6 hours ago

अमेरिका का बड़ा फैसला! Infosys-TCS समेत 8 दिग्गज कंपनियां PERM प्रोग्राम से सस्पेंड, H-1B वर्कर्स पर असर संभव

PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…

6 hours ago

UP फतह के लिए BJP-RSS का मास्टरस्ट्रोक, 80 हजार बैठकों के पीछे क्या है प्लान?

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…

6 hours ago

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो का बड़ा विजन, AI से बदलेगी वॉयस-डेटा सर्विस; 6G में दुनिया को लीड करने का दावा

India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…

6 hours ago

रांची में चौक के नाम पर सियासी बवाल, BJP ने बदला नाम तो कांग्रेस ने रातों-रात उखाड़ा बोर्ड

रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…

7 hours ago