महिला का पति नहीं था शख्स
नरेन्द्र मिश्र
Ballia: शुक्रवार यानी 28 जुलाई को जिस महिला को जिला अस्पताल के पास एक पागल व्यक्ति दिखा था, और वो अपना पति समझ कर घर ले गई, जो 10 साल से गायब था. अब उस खबर में नया मोड़ आ गया. वो मानसिक विक्षिप्त शख्स नगरा थाना क्षेत्र के सिकरहटा गांव निवासी राहुल राम है. जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट नगरा थाना में महीनों पहले दर्ज हुई थी. वहीं परिजनों को बुलाकर पहचान कराया गया. पहचान के बाद राहुल के परिजन उसे घर ले गए.
शुक्रवार यानी 28 जुलाई को जानकी मौर्य निवासी सुखपुरा थाना के देवकली निवासी जिला अस्पताल गई थीं. वहीं उसकी नजर एक मानसिक विक्षिप्त शख्स पर पड़ गई. जानकी ने अपने पति के रूप में उसकी पहचान की. खुशी में उसने अपने बेटे को फोन कर बताया कि बाबू पापा मिल गए. खुशी के आंसू गिराते हुए पति समझकर सहलाते हुए कान में फोन दबाकर बेटा को बोलते जानकी को देखा गया कि ” एगो कुर्ता लेते आव ” और व्यक्ति को 10 साल से गायब पति बताकर अपने घर देवकली ले गई. वीडियो भी वायरल हो गया. ऐसे में सागर सिंह राहुल शहर निवासी युवा समाज सेवी जिसके द्वारा वीडियो वायरल हुआ था. वो खुद देवकली पहुंच गए. सागर ने बताया कि वहां काफी संख्या में लोग थे. असमंजस की स्थिति तब पैदा हो गई जब लोग बोले की मोती चंद मौर्य ( जिसे पति समझ लाई जानकी) का पेट का ऑपरेशन हुआ था. वो निशान नहीं है. उसके बाद सागर सिंह ने कहा थोड़ा समय समझने के लिए दीजिए. सागर फोटो मंगवा कर पहचान करने लगी. काफी पूछताछ के बाद पता चला कि वो मोती चंद मौर्य नहीं बल्कि नगरा थाना क्षेत्र के सिकरहटा गांव के राहुल राम हैं.
मोती चंद की जगह राहुल राम तब पता चला जब कुछ सामाजिक लोग आर्थिक रूप से कमजोर महिला को कुछ मदद करने के उद्देश्य से पहुंचे. सागर सिंह बताते हैं कि देखा कि सैकड़ों की संख्या में लोग वहां पहले से मौजूद थे. तरह तरह की चर्चाएं हो रही थीं. उधर पूरे परिवार के चेहरे पर खुशी झलक रही थी. वजह कि खोया हुआ जो पति मिला था. कोई हाथों से भोजन करा रहा था, बूढ़ी मां गर्मी के कारण हाथ से पंखा हांक रही थी. सागर सिंह ने कहा एक बात को लेकर परिवार सहित गांव के लोग हैरान जरूर थे कि 10 साल पहले मोतीचंद वर्मा( मौर्य ) (लापता पति) के पेट पर एक ऑपरेशन हुआ था. जिसका निशान नहीं दिखाई दिया. मामला DNA टेस्ट करवाने तक होने लगा. अंततः विगत 2 घंटे की पूछताछ में यह पता चला कि यह कोई राहुल राम है जो नगरा के सिकरहटा गांव के हैं. यहीं से शुरू हुआ सही पता ढूंढने का सिलसिला. काफी मशक्कत कर असली घर का पता चल गया.
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विक्षिप्त व्यक्ति को लेने आए चचेरे भाई ने बताया कि यह राहुल राम ही है. जो एक महीने से लापता है. जिसकी सूचना नगरा थाना में भी दर्ज थी. फिलहाल काफी संघर्ष के बाद शनिवार को राहुल के परिजन आकर सुखपुरा थाना के देवकली गांव से नगरा थाना के सिकरहटा गांव अपने घर लेकर चले गए. अब देखना होगा कि आगे किस रूप में कहानी उभर कर आती है.
-भारत एक्सप्रेस
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