कर्नाटक कांग्रेस का हफ्तों लंबा चला सियासी घमासान आखिरकार सिद्धारमैया के इस्तीफे (Siddaramaiah Resigns in Karnataka) के साथ खत्म हो गया है. दिल्ली में चली कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद, कांग्रेस हाईकमान और विशेषकर राहुल गांधी के कड़े रुख के आगे झुकते हुए सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से अपना त्यागपत्र सौंप दिया है.
राजभवन को अपना इस्तीफा भेजने के बाद मीडिया के सामने आए सिद्धारमैया बेहद भावुक नजर आए, लेकिन उन्होंने बड़े ही सधे हुए अंदाज में साफ कर दिया कि आलाकमान ने उन्हें जो निर्देश दिया, उन्होंने वही किया. इस बड़े ‘पावर शिफ्ट’ के बाद अब कनकपुरा के रॉकस्टार डीके शिवकुमार की नए मुख्यमंत्री के रूप में ताजपोशी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
सूत्रों की इनसाइड रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे नेतृत्व परिवर्तन के पीछे राहुल गांधी का वो कड़ा रुख था, जिसने सिद्धारमैया को बैकफुट पर ला दिया. सिद्धारमैया शुरुआत में जातीय जनगणना रिपोर्ट को कैबिनेट में पेश करने के बहाने दो सप्ताह का समय मांग रहे थे, लेकिन राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे तत्काल बदलाव के पक्ष में थे.
बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सिद्धारमैया को दोटूक शब्दों में याद दिलाया कि साल 2023 की प्रचंड जीत के बाद डीके शिवकुमार के साथ ढाई-ढाई साल का जो ‘पावर शेयरिंग फॉर्मूला’ तय हुआ था, पार्टी की साख बचाने के लिए उस पुराने वादे का सम्मान करना बेहद जरूरी है.
पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने भावुक होते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया. उन्होंने कहा, “मुझे दो बार कर्नाटक की 7 करोड़ जनता का नेतृत्व करने का मौका मिला, जिसके लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खड़गे जी को धन्यवाद देता हूं.
साल 2006 में कांग्रेस जॉइन करने के बाद से मुझे कार्यकर्ताओं और नेताओं से जो प्यार मिला, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता. अपने विदाई भाषण को एक ऐतिहासिक मोड़ देते हुए सिद्धारमैया ने मशहूर कन्नड़ अभिनेता राजकुमार के बयान का जिक्र किया और कहा कि जैसे उनके लिए ऑडियंस भगवान थी, वैसे ही मेरे लिए ‘हमारा संविधान ही हमारा धर्म है.
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अस्थिरता के दावों पर विपक्ष को कड़ा जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने साफ किया कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित है. उन्होंने सीना ठोककर कहा कि हमारी पार्टी के 135 विधायक और 2 निर्दलीय पूरी तरह एकजुट हैं और सरकार प्रचंड बहुमत में है.
अब राज्यपाल तय करेंगे कि वे इस्तीफा (Siddaramaiah Resigns in Karnataka) कब मंजूर करते हैं और अगले मुख्यमंत्री को कब मौका देते हैं. नए सीएम (डीके शिवकुमार) को राज्यपाल संविधान के अनुसार शपथ दिलाएंगे. इस बीच, बेंगलुरु की सड़कों पर डीके शिवकुमार के समर्थकों ने नए निजाम के स्वागत में जश्न मनाना और पलकें बिछाना शुरू कर दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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