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Sitapur News: “मैं धार्मिक इसलिए हूं, क्योंकि मुझे देश के लिए कार्य करना है…” नैमिषारण्य में बोले सीएम योगी

Sitapur News: बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नैमिषारण्य में गोपुरम द्वार का उद्घाटन किया. दक्षिण भारतीय आचार्यों द्वारा विधि विधान से मंत्रोच्चारण के साथ नैमिषारण्य धाम स्थित मां राज राजेश्वरी मन्दिर के गोपुरम द्वार का उद्घाटन सीएम द्वारा किया गया. इसके बाद मां राज राजेश्वरी का सूक्ष्म अभिषेक हुआ. तो इसी के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने वैदिक यंत्रो की धुन के साथ मन्दिर की परिक्रमा की और यज्ञ मंडप का दर्शन किया. इस मौके पर बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद रहे तो वहीं सीएम योगी ने कहा कि, “ये जो पवित्र कार्य हो रहा है इसमे सरकार भी हर प्रकार का सहयोग करेगी, मैं इसके लिए स्वामी जी और संतो को आश्वस्त करता हूं.”

ऋषियों ने की थी नैमिषारण्य में साधना

बता दें कि सीतापुर में नैमिषारण्य के स्कंद आश्रम भवन आयोजित जगन्माता राजरजेश्वरी की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा व चितशक्ति द्वार के उद्घाटन महोत्सव में बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने पूजा-अर्चना की और उन्होंने चितशक्ति द्वार (प्रमुख द्वार) का उद्घाटन किया. इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, नैमिष तीर्थ के महत्व को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं.

भगवान वेद व्यास के सानिध्य में हजारों ऋषियों ने नैमिषारण्य में साधना की थी. सनातन धर्म इस सृष्टि का धर्म है, मानवता का धर्म है. जब तक सनातन धर्म है, विश्व-मानवता के कल्याण का मार्ग व​ह प्रशस्त करता रहेगा. इसी के साथ ही सीएम ने कहा कि, मैं धार्मिक इसलिए हूं क्योंकि मुझे देश के लिए कार्य करना है. इस मौके पर कार्यक्रम स्थल जयकारे से गूंजता रहा. कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने सीएम का भी स्वागत किया.

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मुस्लिमों ने जितने मंदिर तोड़े थे अहिल्याबाई ने बनवाए

इस मौके पर नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, धर्म के बिना जीवन शून्य है. उत्तर प्रदेश की भूमि धर्म भूमि है. वह आगे बोले कि, अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है, काशी विश्वनाथ मंदिर, गोरक्ष पीठ हो सभी इसका प्रमाण है. जब लोकतंत्र में धर्म का प्रभाव होता है तो लोकतंत्र धर्म परायण हो जाता है. इसी के साथ कहा कि, नैमिषारण्य वैसे भी विश्व विख्यात है. इसमें मां जगदंबा राजराजेश्वरी का जुड़ना होना और भी अच्छा है.

भगवान संतों को अपने अंशावतार के रूप में भेजते हैं. वह आगे बोले कि, राजा जनक से लेकर अनेक राज योगी हुए हैं. मुस्लिमों ने जितने मंदिर तोड़े थे अहिल्याबाई ने बनवाए. उन्होंने आगे बताया कि, काशी का विश्वनाथ मंदिर का निर्माण कराया. शिव शक्ति द्वारा 60 प्रतिशत कार्य हो गया है. 40 प्रतिशत बाकी है. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि, उसके पूरा होने पर भी मुख्यमंत्री योगी आएं ऐसी विनती है. नैमिषारण्य 88 हजार ऋषियों की तपोस्थली व मां का शक्ति पीठ है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर मां राज राजेश्वरी मन्दिर श्री स्कंदाश्रम ग्यावर मार्ग के श्रीश्रीश्री षडमुखानंद पुरी महाराज हीरापुर वाले, श्रीमंत जगतगुरु रामानुजाचार्य सुग्रीव किला पीठाधीश्वर स्वामी विश्वेश प्रपन्नाचार्यजी श्रीधाम अयोध्या, श्रीमंत जगतगुरु रामनंद आचार्य, कामद गिरि पीठाधीश्वर स्वामी रामस्वस्याश्वर्य जी महाराज, श्रीनरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास महाराज जबलपुर, मार्कण्डेय सन्यास आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी प्राणवानंद महाराज ओंकारेश्वर, महामंडलेश्वर विष्णु दत्ल ब्रह्मचारी महाराज वापोबीधान्न आदि मौजूद रहे.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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