बेंगलुरु, 8 जून: आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ का समर्थन करते हुए इसे देश की प्रगति के लिए जरूरी कदम बताया. उन्होंने कहा कि देश में बार-बार चुनाव होने के चलते अधिकारियों का पूरा समय इलेक्शन की ड्यूटी में निकल जाता है और वे अपना काम नहीं कर पाते हैं.
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने रविवार को कहा कि ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ बहुत जरूरी है. बार-बार चुनाव के चलते अधिकारियों की ड्यूटी लगती रहती है. पंचायत चुनाव, नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा चुनाव के चलते अधिकारी काम नहीं कर पाते थे. चुनाव की ड्यूटी में ही सारा वक्त निकल जाता था.
श्री श्री रविशंकर ने आगे कहा कि इसी तरह से राजनेताओं की भी समस्या होती थी. एक चुनाव खत्म होते ही दूसरी जगह चुनावी रैलियों में जाना पड़ता था. देश को तेजी से प्रगति पथ पर लाने के लिए ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ बहुत जरूरी है. पीएम मोदी का विजन है ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’. इसको लेकर सभी विधियां शुरू हुई हैं, यह देश की प्रगति के लिए अति आवश्यक है. ऐसे ही न्यायालय में सुधार लाने की आवश्यकता है. मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी सरकार इस पर काम करेगी और देश को और ऊंचाई पर ले जाएगी.
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में देश का नाम रौशन हो, इसके लिए हमारे अंदर मजबूती और एकता होनी चाहिए. अपनी ही संस्कृति और विरासत पर भरोसा होना चाहिए. पिछले 11 साल में हमारे जनमानस में यह बदलाव हुआ है. यह बहुत सराहनीय है. साथ ही साथ पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम शुरू किया, जिसके जरिए सीधे लोगों से बात की. देश में जो अलग-अलग योजनाएं चल रही हैं, हर तबके के लोगों को अपने भाव व्यक्त करने के लिए एक मंच मिल रहा है और राष्ट्रीयता से जुड़ने का एक मौका मिल रहा है. इस तरह के प्रोजेक्ट देश में चलते रहें तो भारत अवश्य विश्व शक्ति के रूप में उभरेगा.
श्री श्री रविशंकर ने पिछड़े सीमांत क्षेत्रों में विकास कार्य करने के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सहित देश के सीमावर्ती गांवों में परिवर्तन सराहनीय है. सरकार के साथ मिलकर आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन कई गांवों में विकास परियोजनाओं पर काम कर रहा है. सरकार ने वहां के लोगों की आधारभूत जरूरतें, जैसे बिजली पहुंचाने और सड़कें बनाने का काम किया है. यह बहुत सराहनीय है. हम इतने साल से सीमावर्ती इलाकों को भूल ही गए थे. सीमावर्ती गांवों का विकास बहुत जरूरी है. वहां पर भी सरकार ने मुहिम छेड़ी है, जो प्रशंसनीय है. केंद्र सरकार का नारा है, ‘सबका साथ, सबका विकास’. इस दिशा में भी काम किया जा रहा है, युवाओं या एंटरप्रेन्योर्स का हौसला काफी बढ़ा है. यह देश की प्रगति के लिए बहुत आवश्यक है.
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