देश

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन के खिलाफ दायर एक याचिका को खारिज कर दिया है. यहां हुए परिसीमन में राज्य की विधानसभा सीटों की संख्या को बढ़ा दिया गया है.

फैसले का असर अनुच्छेद 370 पर नहीं पड़ेगा

राज्य में परिसीमन आयोग के गठन की वैधता और उसके बाद की प्रक्रिया को चुनौती देने वाले श्रीनगर के निवासी हाजी अब्दुल गनी खान और डॉ. मोहम्मद अयूब मट्टू द्वारा दायर याचिकाओं को न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और एएस ओका की पीठ ने खारिज कर दिया.

याचिका खारिज करने के दौरान फैसले के ऑपरेटिव भाग को पढ़कर सुनाते हुए, न्यायमूर्ति ओका ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस फैसले का कोई असर अनुच्छेद 370 से जुड़े लंबित पड़े मामलों और जम्मू-कश्मीर के दो संघ शासित प्रदेशों में परिणामी पुनर्गठन पर नहीं पड़ेगा.

याचिका में कही गई थी यह बात

हाजी अब्दुल गनी खान और मोहम्मद अयूब मट्टू द्वारा अपनी याचिका में यह तर्क दिया गया कि जम्मू-कश्मीर के परिसीमन अभ्यास को अभी 2026 तक रोका जा सकता था, क्योंकि लोकसभा क्षेत्रों के लिए इसे 2021 की जनगणना के आधार पर किया जाना था.

अधिवक्ता श्रीराम पी के जरिए दायर इस याचिका में 2020, 2021 और 2022 में जारी अधिसूचनाओं के संदर्भ में किए गए परिसीमन अभ्यास की वैधता पर सवाल उठाया गया. दोनों की ओर से दायर इस याचिका में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 107 से बढ़ाते हुए 114 करने के निर्णय को चुनौती दी गई थी.

सरकार ने दिया यह तर्क

इस मामले में सरकार का कहना है कि जब केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का फैसला किया था उस वक्त 2019 में संसद में पारित परिसीमन आयोग जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम का एक हिस्सा था. इस पैनल द्वारा बीते साल मई में जम्मू और कश्मीर में परिसीमन का काम पूरा किया है. पैनल ने 90 विधानसभा और पांच संसदीय क्षेत्रों में बदलाव किया है.

इसे भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीशों ने ली शपथ, जजों की संख्या बढ़कर 34 हुई

नई जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हैं इतनी सीटें

परिसीमन के बाद नई जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 114 सीटें हो गई हैं. इनमें से 24 सीटें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) को सौंपी गई हैं. वहीं बची हुई बाकि के 90 सीटों के लिए मतदान होगा.

इन 90 सीटों में जम्मू क्षेत्र में 43 तो कश्मीर घाटी में 47 सीटें हैं. परिसीमन आयोग ने इस बात की भी सिफारिश की है कि पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर (POJK) में शरणार्थियों और दो कश्मीरी प्रवासियों को राज्य की विधानसभा में नामित किया जाए.

Rohit Rai

Recent Posts

बाढ़ पीड़ितों से हमदर्दी या खाकी का रोब? छपरा में पिस्टल तानने वाले थानाध्यक्ष पर बड़ी कार्रवाई

Chapra News: बिहार के छपरा (मकेर) में बाढ़ राहत सामग्री वितरण के दौरान हंगामा हो…

1 minute ago

रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती: गृह मंत्री अमित शाह ने गोंडवाना की वीरांगना को किया नमन

Amit Shah: गृह मंत्री अमित शाह ने रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित…

28 minutes ago

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किया खास सुभाषित, जानिए इसका मतलब

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया है, जो…

40 minutes ago

ब्रिटेन बेस से उल्टे पांव लौट रही अमेरिकी सेना, अब क्या करेंगे ट्रंप?

Britain Base America Withdraw: ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव और RAF फेयरफोर्ड से जुड़ी…

1 hour ago

साधक की मौत का सच: क्या सोशल मीडिया के ग्लैमर और चेलों की सियासत में उलझे प्रेमानंद महाराज?

Premanand Maharaj News: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम में एक युवा साधक की रहस्यमय…

1 hour ago

जंतर-मंतर पर पाबंदियों और CEC के इस्तीफे को लेकर भड़की युवा कांग्रेस, दिल्ली की सड़कों पर निकला मशाल मार्च

भारतीय युवा कांग्रेस ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक एक विशाल मशाल मार्च निकालकर प्रदर्शन…

2 hours ago