सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या को रामचरितमानस पर विवादित बयान मामले में हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. इलाहाबाद की लखनऊ बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए FIR रद्द करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. इस दौरान जस्टिस विद्यार्थी ने स्वामी प्रसाद मौर्या को रामचरितमानस की प्रतियां जलाने को लेकर जमकर फटकार लगाई.
स्वामी प्रसाद मौर्या बीजेपी से अलग होने के बाद लगातार सनातन धर्म पर विवादित बयान देकर सुर्खियों में बने हुए हैं. जिसको लेकर साधु-संत और हिंदू सगंठनों की तरफ से कार्रवाई की मांग की जा रही है. रामचरितमानस की प्रतियां जलाए जाने के मामले में दर्ज हुई FIR को रद्द करने के लिए स्वामी प्रसाद मौर्या ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है. इसके अलावा मौर्या को जस्टिस विद्यार्थी ने जमकर लताड़ लगाई.
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विद्यार्थी ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. इस मामले में सरकार की तरफ से नियुक्त किए गए अतिरिक्त महाधिवक्ता विनोदी शाही और शासकीय अधिवक्ता वीके सिंह ने अपना पक्ष रखा. बता दें कि रामचरितमानस जलाए जाने को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जिसमें रामचरितमानस जलाने वाले दो लोगों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई है.
बता दें कि यूपी सरकार के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या (Swami Prasad Maurya) का एक ताजा बयान भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वह किसी कार्यक्रम में एक बार फिर से सनातन धर्म पर अपमानजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारा सनातन विज्ञान पर आधारित है और उनका सनातन ढोंग-ढकोसला है.
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उन्होंने सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा है कि “मुंह से ब्राह्मण, भुजाओं से क्षत्रिय, उदर से वैश्य तथा पैरों से शुद्र का जन्म धोखा है. मां के पेट से जन्म लेना ही धर्म है, हमारा सनातन विज्ञान पर आधारित है.” जनता को सम्बोधित करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्या आगे बोले, “हमारा क्या है जो मां के गर्भ से पैदा हुआ वही सनातन है. हमारा सनातन विज्ञान पर आधारित है और उनका ढोंग ढकोसले पर.” सपा नेता आगे बोले, “हम वैज्ञानिक आधारित सनातन पद्धति की बात करते हैं लेकिन उनको विज्ञान से कोई मतलब नहीं है. हम सनातन को मानते हैं लेकिन उसकी ढोंग ढकोसले पद्धति को नहीं.”
-भारत एक्सप्रेस
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