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Nithari Serial Murder Case : मृतका के पिता ने Supreme Court के निर्णय पर जताया दुख

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 2006 के निठारी सीरियल हत्याकांड मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने के खिलाफ वाली याचिका को खारिज कर दिया. मृतिका ज्योति के पिता ने इस कोर्ट के आदेश पर दुख जताया.

मौत की सजा रद्द

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 2006 के निठारी सीरियल हत्याकांड मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई (CBI), उत्तर प्रदेश सरकार और पीड़ित परिवारों की अपीलों को खारिज कर दिया. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 16 अक्टूबर, 2023 के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उनकी मौत की सजा को रद्द कर दिया गया था.

मृतका ज्योति के पिता ने क्या कहा ?

मृतका ज्योति के पिता और पीड़ित परिवार के सदस्य झब्बूलाल ने आईएएनएस से कहा की,

“अगर वह दोषी नहीं था, तो उसे इतने सालों तक जेल में क्यों रखा गया? जिस पुलिस अधिकारी ने उसे जेल में डाला, उसे मौत की सजा मिलनी चाहिए और जिस जज ने यह आदेश दिया, उसे भी मौत की सजा मिलनी चाहिए.”

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के कोली और पंढेर को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा. हाईकोर्ट के फैसले में मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को बरी किया गया था. कोली को 12 मामलों और पंढेर को 2 मामलों में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था.

क्या है मामला ?

उल्लेखनीय है कि 7 मई 2006 को निठारी की एक युवती को पंढेर ने नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया था. इसके बाद युवती वापस घर नहीं लौटी. युवती के पिता ने नोएडा के सेक्टर-20 थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था. इसके बाद 29 दिसंबर 2006 को निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले में पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे.

इसे भी पढ़ें- निठारी हत्याकांड मामले में आरोपी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, CBI की अपील खारिज

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था. बाद में निठारी कांड से संबंधित सभी मामले सीबीआई को स्थानांतरित कर दिए गए थे.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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