देश

रक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राजनाथ ने उद्योग जगत से मांगी मदद, दूरगामी सुधारों पर दिया ज़ोर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भारतीय उद्योग जगत से नए रक्षा क्षेत्र में निवेश करने की अपील की .देश का रक्षा क्षेत्र नई बुलंदियों तकक पहुंच सके.इसके साथ ही उन्होंने अनुसंधान और विकास पर अधिक जोर देने का आह्वान किया. रक्षा मंत्री ने यहां पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडी-सीसीआई) के 117वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “नए निवेश करें, अनुसंधान और विकास पर अधिक जोर दें, और भारतीय रक्षा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करें. आपका यह प्रयास न केवल रक्षा उद्योग के लिए, बल्कि समग्र विकास के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होगा.”

उद्योग संघों की तारीफ

राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएचएडी-सीसीआई सबसे पुराने उद्योग संघों में से एक है जिसमें कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सदस्य हैं जो भारतीय रक्षा उद्योग के राजदूत के रूप में कार्य कर सकते हैं.उन्होंने कहा, “आपकी जड़ें देश-विदेश में दूर-दूर तक फैली हुई हैं. आप सभी घरेलू और विदेशी कंपनियों के साथ संवाद स्थापित करके, उन्हें भारतीय रक्षा उद्योग से जोड़कर और इन दोनों के बीच एक सेतु का काम करके अपनी भूमिका निभा सकते हैं.”सिंह ने कहा कि भारतीय रक्षा उद्योग निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में लगातार प्रगति कर रहा है.

सरकार ने दूर की बाधाएं

“अतीत में या तो निजी क्षेत्र के लिए रक्षा क्षेत्र में प्रवेश करने का कोई रास्ता नहीं था, और अगर कुछ गुंजाइश भी थी, तो उद्योग विभिन्न कारणों से रक्षा क्षेत्र में पैर जमाने के लिए तैयार नहीं था.” रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने इन बाधाओं को दूर किया है और निजी उद्योग के मामले में इनक्यूबेटर, उत्प्रेरक, उपभोक्ता और फैसिलिटेटर की भूमिका निभाई है.रक्षा मंत्रालय द्वारा सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत, पुरानी परंपराओं को बदलने और एक विनिर्माण माहौल बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र भाग ले सकते हैं.

दूरगामी सुधारों की ज़रूरत

रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए दूरगामी सुधारों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयोगशालाओं को निजी उद्योग के लिए खोला गया, शून्य शुल्क पर प्रौद्योगिकी हस्तांतरित की गई, परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच प्रदान की गई और डीआरडीओ के माध्यम से अग्रिम धन मुहैया कराया गया.

–आईएनएस/भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

QS एशिया रैंकिंग में CCSU की बड़ी छलांग, 694वें स्थान पर पहुंचा विश्वविद्यालय

QS एशिया रैंकिंग में CCSU ने बड़ी छलांग लगाई है.पिछले साल सीसीएसयू 801–850 के रैंक…

47 minutes ago

योगी की छाया में अपना वजूद तलाशते नितिन नवीन

गोरखपुर में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और CM योगी की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा निकली. सपा…

1 hour ago

अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों का दम, जानें कौन जीता और कौन हारा?

US Midterm Elections 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के 57 उम्मीदवारों ने…

3 hours ago

दिल्ली SIR विवाद: सुप्रीम कोर्ट इस तारीख को करेगा सुनवाई, 33 लाख नोटिस और 47 लाख नाम काटने के आरोपों पर EC से तीखे सवाल

दिल्ली में वोटर लिस्ट SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट 19 नवंबर को सुनवाई करेगा. 33…

3 hours ago

‘देश को पीएम मोदी पर भरोसा, राहुल को नकारा’, गोरखपुर में बीजेपी अध्यक्ष का कांग्रेस पर बड़ा हमला

गोरखपुर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा’ के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन…

3 hours ago