फोटो क्रेडिट @ShriRamTeert
Ramlala Pran Pratishtha: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर अनुष्ठान जारी है. आज अनुष्ठान का दूसरा दिन है. 17 जनवरी यानी बुधवार को दोपहर 1:20 के बाद से विधि-विधान से अनुष्ठान शुरू होगा. इस दौरान जलयात्रा, तीर्थपूजन, ब्राह्मण-बटुक- कुमारी -सुवासिनी पूजन, वर्धिनीपूजन, कलशयात्रा एवं भगवान श्री रामलला की मूर्ति का प्रासाद परिसर में भ्रमण होगा. शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में राम भक्त मंगल कलश में सरयू जल ले कर यात्रा में शामिल होंगे.
दूसरे दिन के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए वैदिक विद्वान आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने बताया कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के अनुष्ठान का संचालन 121 आचार्य कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि यह सभी कार्य उनकी निगरानी में हो रहा है. वह लगातार अनुष्ठान की विधि-विधान पर नजर बनाए हुए हैं और उनकी देखरेख में सारे कार्यक्रम हो रहे हैं. वह लगातार समन्वय एवं निर्देशन कर रहे हैं. प्रधान आचार्य काशी के लक्ष्मीकांत दीक्षित हैं तो वहीं आने वाले दिनों में तीर्थ पूजन, जल यात्रा और गंधाधिवास जैसे अनुष्ठान होंगे. इसमें सोमवार को प्रायश्चित एवं कर्मकुटी पूजन हुआ.
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मालूम हो कि 16 जनवरी से प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर अनुष्ठान शुरू हो गया है. अनुष्ठान के यजमान अनिल मिश्रा अपनी पत्नी के साथ पूजा में हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को सांगोपांग सर्व प्रायश्चित्त किया तथा सरयू नदी में स्नान किया. विष्णुपूजन करके पञ्चगव्य एवं घी से होम कर पंचगव्यप्राशन किया. द्वादशाब्द पक्ष से प्रायश्चित स्वरूप गोदान किया. दशदान के पश्चात मूर्ति-निर्माण स्थान पर कर्मकुटी होम किया. आचार्य ने बताया कि यह कार्यक्रम भव्यता के साथ संपन्न हुआ. हवन के समय आचार्य वैदिकप्रवर लक्ष्मीकान्त दीक्षित मौजूद रहे. मण्डप में वाल्मीकि रामायण व भुशुण्डिरामायण का आरम्भ हुआ.
प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि ‘अनुष्ठान शुरू हो गया है और 22 जनवरी तक जारी रहेगा. 11 पुजारी सभी ‘देवी-देवताओं’ का आह्वान करते हुए अनुष्ठान कर रहे हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि 22 जनवरी को होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान में यजमान मंदिर न्यास के सदस्य अनिल मिश्रा और उनकी पत्नी उषा मिश्रा हैं. मुख्य पुजारी ने आगे बताया कि आमतौर पर यजमान पूजा कार्यक्रम का मुख्य ‘मेजबान’ होता है. यजमान की ओर से ही प्रार्थना की जाती है. इसीलिए उनको सभी दिन अनुष्ठान में भाग लेना होगा, जिसमें 22 जनवरी का कार्यक्रम भी शामिल है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी. मुख्य पुजारी ने बताया कि 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में करीब 8 हजार से अधिक लोग हिस्सा लेंगे. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिर के गर्भगृह के अंदर कुछ लोगों के जाने की अनुमति होगी. ट्रस्ट ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सात अधिवास हैं.
बता दें कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के क्रम में तीसरे दिन यानी 18 जनवरी को गणेश अंबिका पूजा, वरुण पूजा, मातृका पूजा, ब्राह्मण वरण, वास्तु पूजा आदि अनुष्ठान होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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