देश

यूपी कैबिनेट ने शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में OBC आरक्षण से संबंधित रिपोर्ट स्वीकार की

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडिल की शुक्रवार को हुई बैठक में सरकार द्वारा शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण प्रदान करने के लिए गठित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई. यह रिपोर्ट अब उच्चतम न्यायालय के समक्ष पेश की जाएगी, जहां मामला विचाराधीन है. ओबीसी आरक्षण के संबंध में पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट बृहस्पतिवार शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई थी. मंत्रिमंडल बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया, “पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट तीन महीने के भीतर सौंप दी. शुक्रवार को मंत्रिमंडिल की बैठक में इसे स्वीकार्य कर लिया गया. रिपोर्ट अब उच्चतम न्यायालय के समक्ष पेश की जाएगी, जहां यह मामला विचाराधीन है.”

पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन

हालांकि, मंत्री ने रिपोर्ट की सामग्री साझा करने से इनकार कर दिया. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ द्वारा पिछले साल दिसंबर में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों पर राज्य सरकार की मसौदा अधिसूचना को रद्द करने और ओबीसी आरक्षण के बिना ही चुनाव कराने का आदेश देने के बाद पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया था. अदालत ने कहा था कि राज्य सरकार शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ‘ट्रिपल टेस्ट’ फॉर्मूले के पालन में नाकाम रही है.

ये भी पढ़ें: Delhi Liquor Case: दिल्ली शराब नीति मामले में मनीष सिसोदिया से फिर पूछताछ करने तिहाड़ जेल पहुंची ईडी की टीम

आयोग के गठन की आवश्यकता

‘ट्रिपल टेस्ट’ फॉर्मूले के तहत स्थानीय निकायों के संदर्भ में ‘पिछड़ेपन’ की स्थितियों (आर्थिक एवं शैक्षणिक), प्रकृति और प्रभाव के ‘विस्तृत आकलन’ के लिए एक आयोग के गठन की आवश्यकता है. यह फॉर्मूला आयोग की सिफारिशों के आधार पर नगर निगम और नगर पालिका चुनाव में आरक्षण के अनुपात को निर्दिष्ट करता है, जो 50 प्रतिशत की कुल आरक्षण सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए. उच्च न्यायालय के फैसले के बाद योगी ने जोर देकर कहा था कि राज्य में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव ओबीसी आरक्षण के बिना नहीं कराए जाएंगे और उन्होंने इस बाबत पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था. राज्य सरकार ने इलाहाबाद

शीर्ष अदालत ने किया रुख

उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख भी किया था. शर्मा ने कहा, “उच्चतम न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होनी है. हम अगले कुछ दिनों में यह रिपोर्ट शीर्ष अदालत में पेश करेंगे.” न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राम अवतार सिंह के नेतृत्व वाले पिछड़ा वर्ग आयोग में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी चौब सिंह वर्मा और महेंद्र कुमार के अलावा राज्य सरकार के पूर्व कानूनी सलाहकार संतोष कुमार विसकर्मा और ब्रजेश कुमार सोनी शामिल हैं.

योगी सरकार पर साधा निशाना

विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उच्च न्यायालय के फैसले के बाद योगी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वह ओबीसी समुदाय के हितों की अनदेखी कर रही है.
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट किया, “सरकार शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है. राज्य मंत्रिमंडल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद गठित ओबीसी आयोग की रिपोर्ट स्वीकार कर ली है. भाजपा पिछड़े वर्गों को उनके अधिकार दिलाने को समर्पित है. सपा, बसपा और कांग्रेस ओबीसी विरोधी हैं.”

-भाषा

Satwik Sharma

Recent Posts

जगतार सिंह जोहल को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत, UAPA मामलों में मिली जमानत

UAPA Case: हत्या और यूएपीए के मामले में आरोपी जगतार सिंह जोहल को दिल्ली हाई…

3 minutes ago

चाय की दुकान पर लगा ली फांसी…’ निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने की खुदकुशी

देशभर में चर्चित रहे 2006 के निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने उत्तराखंड के…

6 minutes ago

प्यार न करने की मिली खौफनाक सजा! बेंगलुरु में युवती की सरेआम चाकू मारकर हत्या, झकझोर देगा VIDEO

बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां 21 वर्षीय कानून…

11 minutes ago

JSCB घोटाले पर ED का कड़ा प्रहार: PMLA के तहत 7 ठिकानों पर रेड, कई अहम दस्तावेज जब्त

ED Raid: झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (जेएससीबी) घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी…

16 minutes ago

वडनगर से काशी तक 600 बाइकर्स की यात्रा, गृहमंत्री अमित शाह बोले- पीएम मोदी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह वडनगर पहुंचे. उन्होंने हटकेश्वर महादेव…

18 minutes ago