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हरदोई से उठेगी विकास की लहर; 29 अप्रैल को PM मोदी करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, कनेक्टिविटी, रोजगार और निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट!

Uttar Pradesh Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है, जो कि मेरठ से प्रयागराज तक फैला होगा. इससे 12 जिलों को सीधा लाभ मिलेगा और प्रदेश की लगभग 55% एक्सप्रेसवे हिस्सेदारी बढ़कर 60% हो जाएगी. बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश, उद्योग, कृषि और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के अग्रणी राज्य के रूप में और मजबूत करेगा. चलिए जानते है पूरा मामला:

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  (PM Narendra Modi) 29 अप्रैल को हरदोई में बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे. इस महत्वपूर्ण परियोजना का शिलान्यास 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में किया गया था. अब इसका उद्घाटन प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास  (Infrastructure Development) में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे करोड़ों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

आठ लेन तक विस्तारित होने की संभावना

गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है, जो मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव तक जाएगा. यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे जोड़ते हुए यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाएगा. खास बात यह है कि भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है, जिससे इसकी क्षमता और भी बढ़ जाएगी.

 

इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य  Adani Enterprises Limited सहित अन्य एजेंसियों के द्वारा किया जा रहा है. बदायूं से प्रयागराज तक लगभग 464 किलोमीटर हिस्से का निर्माण इसी समूह ने संभाला है. इसे तीन प्रमुख खंडों में विकसित किया गया है:

 

•      बदायूं से हरदोई – 151.7 किमी

•      हरदोई से उन्नाव – 155.7 किमी

•      उन्नाव से प्रयागराज – 157 किमी

12 प्रमुख जिलों को सीधे जोड़ेगा

यह एक्सप्रेसवे 12 प्रमुख जिलों-  मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, सम्भल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को सीधे जोड़ेगा. इससे 500 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को तेजी मिलेगी.

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

बेहतर कनेक्टिविटी के चलते लॉजिस्टिक्स लागत (Logistics cost) कम होगी, जिससे उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह एक्सप्रेसवे निवेश आकर्षित करने, नए औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में  महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. किसान भाई-बहनों को भी इससे बहुत बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि उनके प्रोडक्ट तेजी से बाजार पहुंच जाएंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि बढ़ेगी.

यह भी पढ़ें:  गुरुग्राम में पकड़ा गया ‘विदेशी’ नकली दवाइयों का जखीरा! जानें इटली से आए इन इंजेक्शनों का क्या है दिल्ली कनेक्शन?

-भारत एक्सप्रेस
Shubhra Rai

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