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Vishnu Dev Sai: संघ का साथ और आदिवासियों का रखा ख्याल, कौन हैं विष्णु देव साय? जिन्हें बीजेपी ने दी छत्तीसगढ़ की कमान

Vishnu Dev Sai: छत्तीसगढ़ में सबसे कठिन पिच पर बीजेपी ने विधानसभा चुनाव (Chhattisgarh Election 2023) जीतकर सभी को चौंकाया था. वहीं सीएम को लेकर पिछले एक हफ्ते से जारी माथापच्ची आज खत्म हो गई और बीजेपी ने छत्तीसगढ़ के सीएम पद (Chhattisgarh CM) के लिए विष्णु देव साय का नाम घोषित कर दिया है. विष्णु देव साय का नाम रेस में कहीं भी नहीं था, और उन्हें मुख्यमंत्री घोषित करके एक बार फिर सभी को सरप्राइज कर दिया है लेकिन आखिर विष्णु देव (Vishnu Dev Sai) साय कौन है और उनका पॉलिटिकल करियर कैसा रहा है, चलिए इस खबर के जरिए आपको उनकी राजनीति से रूबरू करवाते हैं.

रविवार को छत्तीसगढ़ के बीजेपी विधायक दल चुनने के लिए 54 विधायकों की बैठक हुई. इसमें अगले मुख्यमंत्री को लेकर अनिश्चितता की स्थिति खत्म हो गई और बीजेपी ने विष्णु देव साय का नाम आगे कर दिया है. विष्णु देव साय कुनकरी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने हैं, और बीजेपी की सीएम चुनने की मशक्कत उनके नाम पर ही खत्म हो गई.

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आदिवासियों को साधने की कोशिश

छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की आबादी करीब 32 फीसदी है, और इसके चलते बीजेपी ने विष्णु देव साय के जरिए अपना आदिवासी कार्ड खेला है, जो कि 2024 के लोकसभा चुनाव के लिहाज से अहम है. खास बात यह है कि विष्णु देव साय एक सादगी वाले नेता के तौर पर जाने जाते हैं. साय रायगढ़ लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं, वह पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में मंत्री थे, जो बताता है कि मोदी के साथ उनका कनेक्शन भी काफी मजबूत है.

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विष्णु देव साय का संघ से रहा है ताल्लुक

विष्णु देव साय के बारे में बात करें तो वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी हैं. साय 2020 में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. सांसद और केंद्रीय मंत्री रहने वाले विष्णुदेव साय को पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का करीबी भी बताया जाता है. आपको बताते चलें, विष्णुदेव साय साल 1999 से 2014 तक रायगढ़ से सांसद रहे थे. ऐसे में यह उनको सीएम बनाकर बीजेपी ने न केवल आदिवासियों को साधने के प्रयास किए हैं, बल्कि हिंदुत्व के लिहाज से बड़ा दांव माना जा रहा है.

-भारत एक्सप्रेस

कृष्णा बाजपेई

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