देश

CM मोहन यादव की ‘विनम्रता’ ने बनाई बिगड़ी बात, मुख्यमंत्री ने क्यों मांगी सार्वजनिक माफी?

CM Mohan Yadav Apology to Uttam Swami: मध्यप्रदेश की राजनीति में बुधवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जहा मुख्यमंत्री की सत्ता और सनातन के सम्मान का टकराव सार्वजनिक मंच पर हो गया. सीहोर जिले के सलकनपुर आश्रम में आयोजित शरद पूर्णिमा महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुपस्थिति पर उत्तम स्वामी महाराज ने मंच से कड़ी नाराज़गी जाहिर कर दी. हालांकि, डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर जिस तरह सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और खुद को ‘स्वामी जी का बच्चा’ बताया इससे उनका सनातन के प्रति सम्मान साफ तौर पर दिखा है.

उत्तम स्वामी ने दो टूक शब्दों में कहा जिसके पास सेवा प्रकल्प के लिए दो घंटे नहीं हैं. वो हमारे मंच पर नहीं चाहिए. यह सिर्फ एक संत की नाराजगी नहीं थी बल्कि सनातन संस्कृति के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता पर उठा सीधा सवाल था. सीएम मोहन यादव ने मांगी और खुद को ‘स्वामी जी का बच्चा’ बताया, उसने पल भर में पूरे माहौल को सौहार्दपूर्ण बना दिया.

क्या है मामला?

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में सलकनपुर आश्रम में शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया था. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इसले लिए निमंत्रण दिया गया था. हालांकि, वह किसी कंफ्यूजन के कारण कार्यक्रम में नहीं पहुंचे. इसपर उत्तम स्वामी महाराज ने मंच से खुलकर अपनी नाराजगी जताई. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को उन्होंने खुद नहीं बुलाया था, बल्कि यह निमंत्रण तपन भौमिक ने दिया था. इसलिए स्वामीजी ने उन्हें ऑनलाइन जोड़ने की जरूरत भी नहीं समझी.

ये भी पढ़ें: किस खोज के लिए जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के 3 वैज्ञानिकों को मिला केमिस्ट्री का नोबेल?

स्वामी जी की नाराजगी के बाद आयोजकों के कहने पर मुख्यमंत्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा गया. मंच से उत्तम स्वामी महाराज से खुलकर माफी मांगी और कहा कि यह गलती तपन भौमिक की थी. क्योंकि उन्होंने पहले ही बता दिया था कि वे नहीं आ पाएंगे. माफी के बाद मुख्यमंत्री ने स्वामीजी के साथ मिलकर जयकारे भी लगवाए, जिससे माहौल फिर से खुशनुमा हो गया. मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे स्वामी जी के बच्चे हैं और अगर आगे भी कोई गलती हुई तो माफी मांगते रहेंगे.

सनातन सम्मान का एक बड़ा प्रतीक

उत्तम स्वामी महाराज की नाराजगी के सामने मुख्यमंत्री मोहन यादव का झुकना और सार्वजनिक रूप से माफी मांगना, उनके उदार और संवेदनशील नेतृत्व को दर्शाता है. यह कदम एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देता है कि उनके लिए सेवा प्रकल्प और धार्मिक गुरुओं का सम्मान किसी भी प्रशासनिक व्यस्तता से ऊपर है. गलती चाहे उनके सहयोगी (तपन भौमिक) की हो या खुद की, मोहन यादव ने जिम्मेदारी लेते हुए माहौल को संभालने का काम किया. यह घटना सत्ता और धर्म के बीच संतुलन स्थापित करने वाले डॉ. मोहन यादव की छवि को और मजबूत करती है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

‘बाबूजी’ की उंगलियों ने दिया धोखा, कुर्सी छूटी और हाथ में आया चपरासी का पद! DM का करारा झटका; देखें VIDEO

Bareilly News: बरेली में डीएम अविनाश सिंह की कड़क कार्रवाई से हड़कंप मच गया है.…

11 minutes ago

क्रूरता की हदें पार! बेंगलुरु में पत्नी की हत्या के बाद गर्म तेल डालकर खाल उतारने की कोशिश, आरोपी हुआ गिरफ्तार

बेंगलुरु में माइको लेआउट पुलिस स्टेशन इलाके के बिलेकहल्ली में एक शख्स ने पत्नी की…

27 minutes ago

मासूमों की मौत से लेकर किसानों की बदहाली तक… बच्चू कडू ने गणेश उत्सव के बहाने शासन को दिखाया आईना

Maharashtra News: अमरावती के कुरलपूर्णा में विधायक बच्चू कडू के निवास पर गणेशोत्सव के दौरान…

45 minutes ago

EPF वेतन सीमा बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, जानिए क्या बदला

सुप्रीम कोर्ट ने EPF वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने से जुड़ी जनहित याचिका…

48 minutes ago