India Pakistan Airspace: भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी कोई नहीं बात नहीं है. आजादी के बाद से ही दोनों देशों के बीच कई बार हालात बिगड़ते और पटरी पर आते रहे हैं. इन दिनों पहलगाम हमले और उसके बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर के कारण दोनों देशों में हालात बिगड़े हुए हैं. इसी कारण दोनों तरफ से एक दूसरे के लिए एयरस्पेस बंद किया गया है. हालांकि, उदार भारत ने 1 दिसंबर को संकट का घड़ी में पाकिस्तानी विमान के ओवरफ्लाइट के लिए अपना एयरस्पेस खोल दिया. खैर इसके बाद भी पाक मीडिया राता रहा कि भारत मदद नहीं करता है. अब सवाल यह आता है कि भारत ने अपना एयरस्पेस क्यों खोला?
भारत ने श्रीलंका के लिए जा रहे पाकिस्तान के मानवीय सहायता विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की मंजूरी दे दी है. भारतीय अधिकारियों ने कहा जिस काम के लिए इजाजत मांगी गई थी उसमें देर नहीं कर सकते थे. इस कारण तत्काल रिक्वेस्ट पर फैसला लिया गया. आइये जानें क्या पूरा मामला?
पाकिस्तान को यह मंजूरी 1 दिसंबर को दोपहर 1 बजे आई रिक्वेस्ट के बाद शाम 5:30 बजे दी गई थी. भारतीय अधिकारियों ने बताया कि यह मंजूरी इसलिए दी गई क्योंकि पाकिस्तानी फ्लाइट तूफान दित्वा की वजह से बाढ़ ग्रस्त श्रीलंका के लिए तत्काल राहत सामग्री लेकर जा रही थी. अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को दोपहर करीब एक बजे भारत से अपने विमान को हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत मांगी थी.
यह उड़ान श्रीलंका में बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए सहायता सामग्री लेकर रवाना होने वाली थी, इसलिए भारत ने उसी दिन शाम साढ़े पांच बजे मंज़ूरी दे दी. अधिकारियों ने बताया कि ऐसी मानवीय उड़ानों को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए प्रक्रिया में कोई देरी नहीं की गई.
कुछ पाकिस्तानी चैनलों ने दावा किया था कि भारत ने उड़ान के लिए ओवरफ्लाइट क्लीयरेंस नहीं दी. इन रिपोर्ट्स पर भारत ने कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि न केवल इजाजत दी गई, बल्कि इतनी तेजी से दी गई कि यह मानवीय कार्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इस स्पष्टीकरण के बाद ऑनलाइन चल रही सभी अफवाह गलत साबित हो गई हैं.
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी की एक और पहल! देशभर के राजभवनों के नाम बदले; केंद्र ने जारी किया आदेश
श्रीलंका फिलहाल चक्रवात दित्वा की मार झेल रहा है. प्राकृतिक आपदा ने देश में गहरी तबाही मचा दी है. सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं. वहां राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है, जिससे राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा सकें. इसी कारण भारत भी मदद पहुंचाने के लिए ‘सागर बंधु’ मिशन चला रहा है.
DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…
उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…
चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और वोटर लिस्ट के स्पेशल गहन रिवीजन यानी…
गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जम्मू-कश्मीर से 150 अवैध बांग्लादेशी…
भारतीय वायुसेना को नया चीफ मिल गया है. एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने CAS के…