नवीनतम

खामोश इतिहास: 3 हजार आदिवासी हुए थे शहीद, जानें 112 साल पुराना मानगढ़ का सच

17 नवंबर 1913 से 17 नवंबर 2025 तक पूरे 112 वर्ष बीत चुके हैं. राजस्थान के बांसवाड़ा जिले और गुजरात की सीमा पर स्थित मानगढ़ की पहाड़ी भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे खूनी और सबसे कम चर्चित अध्यायों में से एक है. 17 नवंबर 1913 को यहां ब्रिटिश सेना ने निहत्थे भील आदिवासियों पर जो गोलियां बरसाईं, उसमें आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार डेढ़ हजार से अधिक लोग मारे गए, जबकि अनौपचारिक अनुमान तीन हजार तक जाते हैं. यह संख्या जलियांवाला बाग से कई गुना ज्यादा है, फिर भी मानगढ़ का नाम स्कूली किताबों में नहीं मिलता.

गोविंदगिरि ने दिया ब्रिटिश शासन को चुनौती

गोविंदगिरि भीलों के मसीहा थे. 1858 में डूंगरपुर के पास बस्सियान गांव में जन्मे गोविंदगिरि ने 1903 से ही भील और गिरासिया आदिवासियों को संगठित करना शुरू कर दिया था. उनका आंदोलन दो स्तरों पर चल रहा था. एक तरफ सामाजिक सुधार थे, शराब और मांस छुड़वाना, चोरी-डाका बंद कराना, सादा जीवन अपनाना, सामूहिक भोज कराना और सबमें समता की भावना जगाना, जिसे संप-सूर्यवंशी आंदोलन कहा जाता था. दूसरी तरफ राजनीतिक और आर्थिक संघर्ष था, ब्रिटिशों की लगान-वसूली और जबरन बेगार के खिलाफ आवाज उठाना, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सन्ट्रमपुर, कुशलगढ़ जैसी रियासतों के जुल्मों का विरोध करना, जमींदारों, बनियों और पुरोहितों के शोषण को रोकना.

1913 तक गोविंदगिरि का प्रभाव इतना बढ़ चुका था कि हजारों भील उनके एक इशारे पर मानगढ़ पहाड़ी पर जमा हो जाते थे. यही बात ब्रिटिशों और रजवाड़ों को खटकने लगी.

दिल दहलाने वाला दिन

15 से 17 नवंबर तक मानगढ़ में गोविंदगिरि की अगुवाई में विशाल मेला लगा था. पंद्रह से बीस हज़ार आदिवासी वहां जमा थे, ज्यादातर निहत्थे, कुछ के पास सिर्फ तीर-कमान थे. डूंगरपुर, बांसवाड़ा, इडर और सन्ट्रमपुर रियासतों ने ब्रिटिश रेजिडेंट को सूचना दे दी कि गोविंदगिरि विद्रोह कर रहे हैं. मेजर एस. डब्ल्यू. हक्सली के नेतृत्व में मेवाड़ भील कोर, मेवाड़ इंपीरियल सर्विस ट्रूप्स और रियासती सैनिकों ने पहाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया. सुबह पांच बजे से शाम तक लगातार गोलियाँ चलती रहीं, मशीनगनें भी इस्तेमाल हुईं. गोविंदगिरि को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, फिर भी भीड़ को तितर-बितर करने के नाम पर नरसंहार कर दिया गया. लाशें इतनी थीं कि कई दिनों तक गिद्ध और जंगली जानवर उन्हें खाते रहे. हड्डिया दशकों तक पहाड़ी पर बिखरी पड़ी रहीं.

नरसंहार के बाद गोविंदगिरि को आजीवन कारावास की सजा हुई और 1931 में हैदराबाद जेल में उनकी मृत्यु हो गई. सैकड़ों आदिवासियों को जेल भेजा गया, कई को फांसी दी गई. ब्रिटिश सरकार ने इसे महज दंगा दबाने की कार्रवाई बताया, कोई आधिकारिक जांच कभी नहीं हुई.

पाठ्यपुस्तकों में नदारद

2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानगढ़ को आदिवासियों का जलियांवाला बाग कहा था. 17 नवंबर को राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश की सरकारें मानगढ़ धाम शहादत स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम करती हैं. 2022 में केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया. फिर भी स्कूल-कॉलेज में एक लाइन भी नहीं है. स्थानीय भील-गिरासिया समुदाय में गोविंदगिरि को आज भी भगवान की तरह पूजा जाता है और हर साल लाखों लोग मेला भरते हैं.

ये भी पढ़ें- अभी तो बाहर आए थे, अब किस बात पर बेटे समेत आजम खान को हो गई 7 साल की सजा?

-भारत एक्सप्रेस

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

Recent Posts

12 महीने के निचले स्तर पर पहुंचे सोना-चांदी के दाम…मचा हाहाकार; क्या खरीदारी का यही है सही वक्त?

कमोडिटी मार्केट में भारी बिकवाली के चलते सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट…

20 minutes ago

1 या 2 नवंबर कब है अहोई अष्टमी? जानिए सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर 2026 (रविवार) को रखा जाएगा. इस दिन माताएं संतान…

55 minutes ago

अंतरिक्ष में भारत का नया कदम: NVS-03 सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग से मजबूत होगी ‘नाविक’ प्रणाली

Indian Space Research: इसरो ने रचा नया इतिहास! श्रीहरिकोटा से NVS-03 नेविगेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक…

1 hour ago

राष्ट्रीय एकता दिवस: गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने लौह पुरुष सरदार पटेल को किया नमन

Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti: सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और…

2 hours ago

सरदार पटेल ने आजादी के बाद सिर्फ 1,218 दिन में वो करके दिखाया, जो सबको असंभव लगता था- गृह मंत्री अमित शाह

राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित 'एकता दौड़' के दौरान गृह मंत्री…

3 hours ago

अमेरिका का बड़ा झटका! खत्म होने जा रहा है H-1B वीजा का ‘डेफरेंस’, 10 लाख भारतीयों पर संकट

US Deference Policy: H-1B वीजाधारकों के लिए बुरी खबर: अमेरिका सरकार 'डेफरेंस टू प्रायर अप्रूवल्स'…

3 hours ago