खामोश इतिहास: 3 हजार आदिवासी हुए थे शहीद, जानें 112 साल पुराना मानगढ़ का सच
मानगढ़ धाम का अध्याय भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे दर्दनाक सत्य है. 17 नवंबर 1913 को ब्रिटिश हुकूमत और देसी रियासतों ने भील आदिवासियों पर जो गोलियों की बारिश की, वह जलियांवाला बाग से भी कई गुना बड़ा नरसंहार था.





