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ऑनलाइन मनी गेमिंग पर ‘कानूनी जंग’ शुरू! नए कानून पर सरकार के खिलाफ कौन पहुंचा कोर्ट?

Online Money Games Ban: भारत में ऑनलाइन गेमिंग का भविष्य अब कानूनी पचड़े में फंस गया है. मोदी सरकार ने कानून बनाकर ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अब इस फैसले को पहली कानूनी चुनौती मिल गई है. ऑनलाइन गेमिंग कंपनी A23 ने इस कानून के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. कंपनी का दावा है कि यह कानून अंसवैधानिक है क्योंकि यह ‘स्किल गेम्स’ (कौशल-आधारित खेलों) को भी अपराध मानता है, जिससे कई कंपनियां रातोंरात बंद हो गई हैं.

देश में कानून बनने के बाद अधिकतर ऑनलाइन मनी गेमिंग (Online Money Games) कराने वाली कंपनियों ने इसी स्वीकार किया है और तत्काल प्रभाव से अपने प्लेटफार्म पर रोक लगा दी है. हालांकि, अब एक कंपनी ने इसे कानूनी चुनौती दी है. यह केवल एक कंपनी की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह एक अरबों के उद्योग के भविष्य पर सवाल है.

ऑनलाइन गेमिंग कानून को पहली चुनौती

भारत में ऑनलाइन गेमिंग कंपनी A23 (Online Money Games A23) ने कर्नाटक हाई कोर्ट में सरकार के नए कानून को चुनौती दी है. यह कानून ऑनलाइन पैसे वाले गेम्स पर प्रतिबंध लगाता है. A23 का कहना है कि यह कानून ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के भविष्य पर सवाल खड़े करता है और कौशल वाले गेम्स को भी अवैध बना देता है. कंपनी ने कानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है.

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कानून में क्या प्रावधान है?

नए कानून के तहत ऑनलाइन पैसे वाले गेम्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. हालांकि, ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को बढ़ावा देने का प्रावधान है. सरकार का कहना है कि यह कानून ऑनलाइन गेमिंग में बढ़ती लत, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए जरूरी है.

अन्य ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की प्रतिक्रिया

ज्यादातर ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों (Online Money Games)ने इस कानून को चुनौती नहीं दी. ड्रीम11 और गेम्सक्राफ्ट जैसी कंपनियों ने कहा है कि वे सरकार के फैसले का सम्मान करते हैं और नए कानून के तहत काम करने के लिए तैयार हैं. हालांकि, A23 इसके खिलाफ कोर्ट पहुंच गई है. उसने अपनी फाइलिंग में कहा कि नया कानून कौशल वाले गेम्स जैसे रम्मी और पोकर पर लागू होने पर इसे असंवैधानिक घोषित किया जाना चाहिए. कंपनी का कहना है कि यह कानून ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को बंद करने जैसा होगा.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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