सुप्रीम कोर्ट
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने के लिए दी गई समय सीमा को कुछ समय के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन इस बीच बेंगलुरु के एक परिवार ने अपने निर्वासन के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
याचिकाकर्ता का दावा है कि वह भारतीय नागरिक हैं और उनके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड जैसे वैध दस्तावेज भी मौजूद हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर 2 मई को सुनवाई तय की है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के एक समान मामले के फैसले को पढ़ने को कहा है.
याचिकाकर्ता का कहना है कि उनका परिवार मूल रूप से मीरपुर (अब पाक अधिकृत कश्मीर) का निवासी था, जहां उन्होंने छठी कक्षा तक पढ़ाई की. 2000 में उनका परिवार श्रीनगर आ गया और 2009 तक वहीं रहा. उनके भाई-बहनों की पढ़ाई श्रीनगर के निजी स्कूल में हुई.
वर्तमान में इस परिवार के सदस्य इफ्तेखार अली जम्मू-कश्मीर पुलिस में 27 वर्षों से सेवारत हैं और फिलहाल वैष्णो देवी के कटरा बेस कैंप में तैनात हैं. अली के पिता 1965 में पाक अधिकृत कश्मीर गए थे, लेकिन 1983 में वापस लौट आए.
जम्मू-कश्मीर के प्रशासन ने पुलिसकर्मी अली और उनकी पांच बहनों समेत कुल आठ लोगों को पाकिस्तान निर्वासित करने का आदेश दिया था. उन्हें जम्मू से पंजाब ले जाया गया था, लेकिन हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने पर उन्हें अस्थायी राहत मिल गई. अली की पत्नी ने कहा कि उनका जन्म मेंढर में हुआ है और पाकिस्तान भेजा जाना उनके पूरे परिवार के साथ अन्याय होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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