भारत के मुख्य न्यायाधीश अभी नेपाल दौरे पर है. नेपाल दौरे के दूसरे दिन सीजेआई बी आर गवई और उनके परिवार का लुंबिनी पहुचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया.
सीजेआई और उनके परिवार के स्वागत समारोह में न्यायमूर्ति बसुदेव आचार्य, मुख्य न्यायाधीश, हाई कोर्ट तुलसीपुर (बुटवल बेंच) के मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया गया. इस अवसर पर खेनपो लख्याल लामा, रूपनदेही जिला न्यायाधीश और अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे.
सीजेआई बी आर गवई और उनके साथ गए परिवार के अन्य सदस्यों को भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी ले जाया गया, जहां उन्होंने पवित्र स्थल के दर्शन किए. इसके साथ ही उन्हें क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थान भी दिखाए गए.
जहां सीजेआई बी आर गवई ने कहा कि लुंबिनी की यह यात्रा, उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है. इससे पहले उन्होंने भगवान बुद्ध के जन्म स्थान नेपाल को विचारकों और सुधारकों का उद्गम स्थल बताया, जिन्होंने विद्यान मानदंडों को चुनौती दी, नैतिक चिंतन को प्रेरित किया और समाज को बेहतर बनाने का प्रयास किया.
सीजेआई ने एक दिन पहले कहा था कि लोकतंत्र और न्याय को मजबूत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट प्रतिबद्धता केवल न्यायिक घोषणाओं तक ही सीमित नहीं है. उन्होंने कहा था कि न्यायपालिका लोकतांत्रिक नींव की संरक्षक होने के साथ-साथ सुधारों को प्रोत्साहित करने वाली उत्प्रेरक भी है.
नेपाल दौरे के दौरान सीजेआई का काठमाडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में.दर्शन कर विशेष रुद्राभिषेक करने, भगवान गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी जाने के अलावा पाटन में श्रीकृष्ण मंदिर और पाटन दरबार संग्रहालय जाने का प्लान पहले से तय है.
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-भारत एक्सप्रेस
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