बार काउंसिल ऑफ इंडिया
वकील दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के खिलाफ हड़ताल कर रहे है.
BCI ने बुलाई संयुक्त बैठक
इससे पहले 6 दिन तक वकीलों की चली हड़ताल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आश्वासन के बाद वापस ले लिया गया था. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति को 8 सितंबर को शाम 8 बजे एक संयुक्त बैठक के लिए आमंत्रित किया है.
इस बैठक में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. इससे पहले हड़ताल कर रहे वकीलों का कहना था कि एलजी द्वारा जारी अधिसूचना के चलते पुलिस को असीमित शक्तियां मिल गई है.
पुलिस को कोर्ट में पेश होना जरुरी नहीं
एलजी द्वारा जारी नई नीति के तहत पुलिस अधिकारियों को अदालत में पेश होने की आवश्यकता नहीं है. गवाही पुलिस स्टेशन से ही देने की अनुमति मिल गई है. वकीलों का आरोप था कि एलजी के इस कदम से गवाही की पवित्रता और स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा है.
उनका यह भी मानना था कि दिल्ली में यह नीति लागू करने के बाद पूरे देश में योजना को लागू किया जा सकता है. डीएचसीबीए ने उपराज्यपाल द्वारा जारी आदेश का विरोध करते हुए इसे कानून की मूल भावना के खिलाफ बताया था.
आदेशों के वापस लेने की मांग करते हुए डीएचसीबीए के सचिव विक्रम सिंह पवार ने कहा था कि इसे लागू करने से ट्रायल प्रक्रिया खतरे में पड़ जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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