दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से सुनसान पड़े अस्पतालों के क्षेत्रों की सुरक्षा प्रदान करने को कहा है, क्योंकि उसका दुरुपयोग बलात्कार और यौन उत्पीड़न के लिए हो सकता है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि निर्भया मामले के बाद तथा देशव्यापी जागरूकता व कानूनी सुधारों के बावजूद यौन हिंसा की घटनाएं सामने आती रहती है. यह समाज की अंतरात्मा को झकझोर देता है.
अदालत ने अपने आदेश की एक प्रति दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव था विधि विभाग के सचिव के पास उसका अवलोकन करने के लिए भेजने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं याद दिलाती है कि केवल कानून ही ऐसे अपराधों को नियंत्रित नहीं कर सकती, जब तक कि उनका सख्ती से पालन न किया जाए. साथ ही उस तरह के अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय न किए जाएं.
अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर अस्पताल में काम करने वाली एक युवती के साथ अस्पताल की एक इमारत में क्रूरतापूर्वक बलात्कार करने का आरोप है. इस वजह से उसकी हो गई थी.
कोर्ट ने कहा कि यह मामला इस अदालत के सामने मानवीय क्रूरता का एक विचलित करने वाला वृतांत प्रस्तुत करता है. उसने कहा कि घायल महिला दर्द से तड़पती रही और उसका चेहरा क्षत-विक्षत हो गया. उसकी आत्मा एक अस्पताल के गेट के बाहर हुए कुचल दी गई. यह मामला इस बात पर प्रकाश डालता है कि अस्पतालों में कार्यरत महिला कर्मचारी भी अस्पताल भवन में यौन हिंसा की चपेट में आती है.
ये भी पढ़ें- समीर मोदी की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस ने किया विरोध, रेप केस में गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में बहस
-भारत एक्सप्रेस
इंटरनेट पर एक अनोखा वीडियो सामने आया है जिसमें एक बंदर इंसानों की तरह सैलून…
Super El Nino Alert: 180 से अधिक वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भयंकर 'सुपर…
DMRC की सहायक कंपनी DMIL बर्लिन के InnoTrans 2026 में अपनी वैश्विक शुरुआत कर रही…
Meerut News: मेरठ के फलावदा में 65 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर बेटे और…
Lavkush Nagar Court: कोर्ट परिसर में दादाजी के गमछे को थामे रोते मासूम की तस्वीर…
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केजीएमयू और लोहिया संस्थान के पांच डॉक्टरों को सुपर-स्पेशियलिटी कोर्स में एडमिशन…