दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें दिल्ली नगर निगम (MCD) के दो कर्मचारियों के खिलाफ 2022 के रिश्वत मामले की जांच में शामिल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा को संरक्षित करने का निर्देश दिया गया है.
जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने कहा कि निचली अदालत ने केवल सीडीआर को संरक्षित करने का आदेश दिया है, लेकिन आरोपी को ऐसा डेटा देने का निर्देश नहीं दिया है. ऐसा इसलिए किया गया है जिससे बाद में साक्ष्य में जरूरत पड़ने पर उसे निर्धारित नियम के तहत नष्ट नहीं किया जा सके.
न्यायमूर्ति ने निचली अदालत से यह भी कहा है कि कोई भी संवेदनशील जानकारी, जो डेटा का हिस्सा है, लीक न हो, जिससे सीबीआई की जांच या सीबीआई अधिकारियों की सुरक्षा को खतरा हो.
यह मामला अशोक कुमार की शिकायत से जुड़ा था, जिसने कहा था कि उसे एमसीडी के जूनियर इंजीनियर नीरज कुमार और एमसीडी बेलदार (नालियों की सफाई का प्रभारी व्यक्ति) सुखदेव के लिए हजार रुपये रिश्वत के रूप में देने को कहा गया था. सीबीआई ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था. फिर बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.
ये भी पढ़ें- विवाह के अनिवार्य पंजीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी, दिल्ली हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी
-भारत एक्सप्रेस
QS एशिया रैंकिंग में CCSU ने बड़ी छलांग लगाई है.पिछले साल सीसीएसयू 801–850 के रैंक…
गोरखपुर में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और CM योगी की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा निकली. सपा…
US Midterm Elections 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के 57 उम्मीदवारों ने…
दिल्ली में वोटर लिस्ट SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट 19 नवंबर को सुनवाई करेगा. 33…
गोरखपुर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा’ के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन…
नीति आयोग में अण्डमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने विकास मॉडल प्रस्तुत किया. हवाई…