दिल्ली शराब नीति मामले में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर सीबीआई की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है. कोर्ट सीबीआई की अपील पर 17 अगस्त और 18 अगस्त को सुनवाई करेगा.
दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही हड़ताल के कारण आप नेताओं की ओर से कोई वकील पेश नही हुआ. दरअसल मामले में पहले जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही थी. जिसके चलते पक्षपात का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने चल रही कार्रवाई का बॉयकॉट किया था. लेकिन अपने उनके केस की सुनवाई से अलग होने के बाद तीनों ने केस की सुनवाई भी शामिल होने का फैसला किया है.
सीबीआई ने निचली अदालत द्वारा केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है. कोर्ट ने कहा था कि चूंकि मामला ट्रांसफर होकर उनके पास आया है, और अभी संबंधित पक्ष अदालत में पेश नही हुआ है.
मामले की सुनवाई के दौरान एजेंसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को जानकारी दे दिया जाए, ताकि यदि वे अदालत में पेश होना चाहें तो उपस्थित हो सके. कोर्ट ने कहा था कि आदर्श स्थिति यही होगी कि सभी पक्ष अदालत में मौजूद हों और सबकी बात सुनी जाए. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि मामला पहले ही अखबारों में आ चुका है, इसलिए माना जा सकता है कि संबंधित पक्षों को ट्रांसफर की जानकारी है, लेकिन फिर भी उन्हें नया नोटिस जारी गया. बता दें कि निचली अदालत ने केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था. जिसके खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि रिकॉर्ड न मिलने के कारण अदालत ने सुनवाई को टाल दिया है.बता दें कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिख कर सुनवाई में पेश नही होने की बात कही है. पिछले दिनों हाई कोर्ट ने केजरीवाल सहित अन्य की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से खुद को अलग होने की मांग की गई थी.
हालांकि केजरीवाल और सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि सुनवाई के दौरान उनके तरफ से कोई वकील पेश नही होगा. क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि उनको इस कोर्ट ने इंसाफ नही मिलेगा. यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा है. जिस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया है. जिसपर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही है.
पिछले दिनों कोर्ट ने केजरीवाल के उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें याचिका में कहा गया था कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से खुद को अलग होने की मांग की गई थी. सिसोदिया ने अपने पत्र में कहा कि मेरी तरफ से भी कोई वकील पेश नही होगा.
ये भी पढ़ें- लखीमपुर खीरी हिंसा: गवाह को धमकी मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा और आशीष मिश्रा को राहत
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
UP BJP Leader Plot Blast: चित्रकूट में भाजपा नेता के खाली प्लॉट में हुए भीषण…
मुंबई यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की ओर से 9वें चीफ जस्टिस एम.सी. चागला मेमोरियल…
दिल्ली हाईकोर्ट ने नॉर्थ कैंपस में डूसू चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा पर सख्त…
Dead Body Found: बहराइच के मोतीपुर स्थित गोपिया बैराज में नेपाल की ओर से बहकर…
लंदन से बांग्लादेश जा रही विमान बांग्लादेश एयरलाइंस की एक फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उज्जैन में क्षिप्रा नदी के घाटों पर एक साथ…