दिल्ली हाई कोर्ट दिवंगत संजय कपूर की मां 80 वर्षीय विधवा रानी कपूर द्वारा आर के फैमिली ट्रस्ट को खत्म करने की मांग को लेकर दायर सिविल याचिका पर 28 जनवरी को सुनवाई करेगा.
संपत्ति ट्रांसफर करने का आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि याचिका में शामिल मुद्दों पर विस्तृत सुनवाई करने की आवश्यकता है. रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने दिवंगत बेटे संजय कपूर और बहू प्रिया सचदेवा कपूर पर बिना उनकी सहमति और जानकारी के ट्रस्ट बनाकर धोखे से संपत्ति ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है.
बच्चे यानी वादी की पोते-पोतियां शामिल
रानी कपूर ने कोर्ट से ट्रस्ट खत्म करने की मांग की है. इसके साथ ही ट्रस्ट की स्थापना से अब तक की है, ताकि वे किसी भी प्रकार से आरके फैमिली ट्रस्ट का उपयोग या उसके आधार पर कोई कार्रवाई न कर सकें.
इसके साथ ही ट्रस्ट की स्थापना से अब तक कि लेखा-जोखा की भी मांग की है. रानी कपूर कपूर परिवार की मुखिया है. उनके परिवार में उनकी दो बेटियां है. उनके दिवंगत पुत्र स्वर्गीय संजय कपूर तथा उनके बच्चे यानी वादी की पोते-पोतियां शामिल है.
एक मात्र लाभार्थी और उत्तराधिकारी
याचिकाकर्ता के अनुसार रानी कपूर स्वर्गीय डॉक्टर सुरिंदर कपूर की पूरी संपत्ति की एक मात्र लाभार्थी और उत्तराधिकारी है. डॉक्टर सुरिंदर कपूर विभिन्न व्यवसायों के प्रमुख थे, जिनमें सोना ग्रुप ऑफ कंपनियां शामिल हैं.
सुरिंदर कपूर का 6 फरवरी 2015 को निधन हो गया था. बता दें कि करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक दीवानी मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी सौतेली मां प्रिया सचदेवा कपूर ने उनके पिता की वसीयत में गड़बड़ी करने की कोशिश की.
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-भारत एक्सप्रेस
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