लीगल

जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामूला से सांसद राशिद इंजीनियर को मिली अंतरिम जमानत

दिल्ली हाई कोर्ट से जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामूला से सांसद राशिद इंजीनियर को बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दिया है. कोर्ट ने बीमार पिता को देखने के लिए यह अंतरिम जमानत दी है.

कोर्ट ने कहा अंतरिम जमानत के दौरान सबूतों के साथ छोड़छाड़ नही करेंगे और ना ही किसी गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेगा. कोर्ट ने कहा राशिद जहां पिता रह रहे हो, चाहे वह अस्पताल हो या घर, वहां रहने की अनुमति दे दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि कम से कम दो सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे. पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. राशिद इंजीनियर ने अपने बीमार पिता को देखने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी.

मामले की सुनवाई के दौरान राशिद इंजीनियर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि उनके पिता अस्पताल में भर्ती है और वेंटिलेटर पर है, ऐसे में मानवीय आधार पर उन्हें तत्काल जमानत दी जाए. उन्होंने यह भी कहा था कि राशिद इंजीनियर की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और चुनाव के दौरान आमतौर पर अंतरिम जमानत दी जाती है.

एनआईए ने अंतरिम जमानत का विरोध किया

वहीं एनआईए ने अंतरिम जमानत का विरोध किया था.  एजेंसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि जमानत के बजाए कस्टडी पैरोल दी जा सकती है. जिससे  राशिद इंजीनियर अपने पिता और परिवार के सदस्यों से मिल सकेंगे. इससे पहले कोर्ट ने इंजीनियर राशिद को हिरासत में संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी. कोर्ट ने इंजीनियर राशिद को 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक संसद के पूरे सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी. नवंबर 2025 में भी कोर्ट ने राशिद को संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी. इंजीनियर राशिद को सितंबर 2025 में हुए उप-राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी है.

राशिद इंजीनियर को 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए ने गिरफ्तार किया था. साल 2019 से ही तिहाड़ जेल में बंद है. राशिद इंजीयर ने 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान उतरी कश्मीर के बारामुला सीट से चुनाव लड़ा था और उमर अब्दुल्ला को दो लाख से अधिक वोटों से हराया था.

पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 मार्च 2022 को हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन, यासीन मलिक, शब्बीर शाह और मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वताली, बिट्टा कराटे, आफताब बट्ट उर्फ पीर सैफुल्ला के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था. एनआईए में मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जेकेएलएफ, जैश-ए- मोहम्मद जैसे संगठनों ने जम्मू कश्मीर में आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले और हिंसा को अंजाम दिया. 1993 में अलगाववादी गतिविधियों अंजाम देने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की स्थापना की गई.

ये भी पढ़ें: हौज खास डियर पार्क के हिरणों का राजस्थान जाना तय; सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी, केंद्र को गाइडलाइंस बनाने के निर्देश

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

जमीअत हिमायतुल इस्लाम का बड़ा संगठनात्मक फैसला: उत्तर प्रदेश कमेटी भंग, नए ज़िला अध्यक्षों की घोषणा जल्द

राष्ट्रीय अध्यक्ष क़ारी अबरार जमाल ने संगठन को मजबूत करने के लिए लिया निर्णय, पूर्व…

14 minutes ago

ब्रिटेन और फ्रांस के बीच घिरा था सियाम, फिर भी गुलाम नहीं बना थाईलैंड; जानिए आजादी की दिलचस्प कहानी

ब्रिटेन और फ्रांस जैसी बड़ी औपनिवेशिक ताकतों से घिरे होने के बावजूद थाईलैंड आखिर कैसे…

19 minutes ago

मुजफ्फरनगर में MBBS छात्रा ने किया सुसाइड, फंदे से कमरे में लटका मिला शव

मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा शगुन सैनी ने…

24 minutes ago

क्या है दशहरे की तरह रूस में मनाए जाने वाला मस्लेनित्सा? जानें 400 साल पुराने कहानी

Russian Maslenitsa Tradition Like Dussehra: दशहरे की तरह रूस में भी पुतला जलता है. जानिए…

34 minutes ago

बदन पर खाकी, हरकतों से अपराधी! पंडाल में ASI ने वालंटियर से की छेड़छाड़, जानें फिर क्या हुआ?

कोलकाता के सुरुचि संघ दुर्गा पूजा पंडाल में 21 वर्षीय महिला वालंटियर से छेड़छाड़ के…

43 minutes ago

मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण की पीएम मोदी ने की तारीफ, ‘पंच परिवर्तन’ को बताया समाज के लिए अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के विजयादशमी…

44 minutes ago