राऊज एवेन्यु कोर्ट ने कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर गौतम बी. दोषी को 5 दिन के लिए ईडी रिमांड पर भेज दिया है.स्पेशल जज गौरव राव ने ईडी की मांग पर सतीश सेठ को रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है.
अदालत में 18 जून को गौतम बी. दोषी को पेश किया जाएगा. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हर 24 घंटे में सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच कराई जाए, डॉक्टरों की सलाह के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जाए, प्रतिदिन 45 मिनट तक वकील से मुलाकात की अनुमति दी जाए. साथ ही कोर्ट ने कहा कि परिवार के सदस्य प्रतिदिन 15 मिनट मुलाकात कर सकते है. हालांकि सुरक्षा कारणों से कोर्ट ने शेविंग उपकरण मुहैया कराने के आदेश देने से इनकार कर दिया है.
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया कि गौतम दोषी रिलायंस एडीए ग्रुप में महत्वपूर्ण प्रबंधन और वित्तीय जिम्मेदारियां संभालते थे. वे समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर में से एक रहे, रिलायंस टेलीकॉम के निदेशक और ऑडिट कमेटी के सदस्य थे. जांच में यह भी सामने आया है कि दोषी 105 समूह इकाइयों के 161 बैंक खातों पर बैंकिंग अधिकार रखते थे और विदेशी वित्तीय व्यवस्थाओं, एफसीसीबी जारी करने, विदेशी बैंक खातों तथा ऑफशोर कॉपोरेट संरचनाओं से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालते थे.
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने विरोध करते हुए कहा कि दोषी जांच में सहयोग कर रहे हैं और पीएमएलए की धारा 50 के तहत उनका बयान पहले ही दर्ज हो चुका है. ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया कि 74 वर्षीय दोषी कई बीमारियों से जूझ रहे हैं, इसलिए उन्हें ईडी हिरासत में नही भेजा जाना चाहिए.
सीबीआई ने मार्च में सतीश सेठ और गौतम बी दोषी में खिलाफ मामला दर्ज किया था. सीबीआई की टीम ने इस जांच के हिस्से के रूप में दोनों अधिकारियों के परिसरों और ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. सीबीआई की इसी शिकायत को आधार बनाकर ईडी ने दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपनी जांच शुरू की है. यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक में कथित 114.98 करोड़ रुपए के ऋण धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई थी. सीबीआई ने कहा था, एसबीआई उन 11 बैंकों के समूह का हिस्सा था, जिन्होंने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपए का कर्ज देने की मंजूरी दी थी.
सीबीआई ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, पूर्व डारेक्टर सतीश सेठ, पूर्व डायरेक्टर गौतम बी. दोषी, कुछ सरकारी कर्मचारियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ साजिश, आईपीसी की विभिन्न धाराओं जिनमें धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के अपराधों के लिए मामल दर्ज किया था.
माना जा रहा है कि ईडी ने सीबीआई की इस शिकायत का संज्ञान लेकर बैंक लोन धोखाधड़ी के इस मामले में सेठ और दोषी की भूमिका की जांच शुरू की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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