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पासपोर्ट के चक्कर में फंसे पूर्व ACP…! आपराधिक केस छिपाने पर तीस हजारी कोर्ट सख्त, तय होंगे आरोप

Former ACP Passport Case: नया पासपोर्ट बनवाते समय अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमे का सच छुपाना दिल्ली पुलिस के एक पूर्व एसीपी (ACP) को भारी पड़ गया है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति की अदालत ने पूर्व एसीपी विनोद कुमार पांडेय के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय (Charge Frame) करने का कड़क आदेश जारी कर दिया है. फर्जीवाड़ा कर तत्काल पासपोर्ट हासिल करने के इस सनसनीखेज खेल में कोर्ट ने माना है कि प्रथम दृष्टया पूर्व एसीपी के खिलाफ आरोप पूरी तरह सही हैं.

1985 बैच के IRS अफसर ने खोली पोल(Former ACP Passport Case)

यह पूरा कानूनी शिकंजा 1985 बैच के आईआरएस (IRS) अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल की शिकायत के बाद कसा है. बता दें अग्रवाल की शिकायत पर दिल्ली के आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने पूर्व एसीपी पांडेय के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 12 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर अब कोर्ट का चाबुक चला है.

गाजियाबाद RPO में जमा किया था फर्जी हलफनामा

मामले की तहकीकात में सामने आया कि पूर्व एसीपी विनोद कुमार पांडेय ने 29 अक्टूबर 2013 को गाजियाबाद के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) में ‘तत्काल योजना’ के तहत नया पासपोर्ट बनवाने के लिए अप्लाई किया था. अपने आवेदन और नोटरी से अटेस्टेड एफिडेविट में उन्होंने सीना ठोककर दावा किया था कि उनके खिलाफ देश की किसी अदालत में कोई क्रिमिनल केस, समन या वारंट पेंडिंग नहीं है.

2005 से पेंडिंग था क्रिमिनल केस

पुलिस जांच में पांडेय के झूठे दावों का भांडा फूट गया. रिकॉर्ड के मुताबिक, जिस वक्त पूर्व एसीपी ‘साफ-सुथरा’ होने का दावा कर रहे थे, उस वक्त उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (मारपीट), 427 (तोड़ाफोड़ी) और 448 (घर में जबरन घुसना) के तहत 2000 की एक वारदात से जुड़ा आपराधिक मामला चल रहा था. इस मामले में साल 2005 में ही उनके खिलाफ कोर्ट से समन जारी हो चुके थे.

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24 अक्टूबर को तय होंगे औपचारिक आरोप

पासपोर्ट कानून की धारा 15 के तहत पूर्व एसीपी पर मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है. एलजी की हरी झंडी मिलने के बाद ही कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया है. अदालत ने फैसला सुनाया है कि 24 अक्टूबर को विनोद कुमार पांडेय के खिलाफ औपचारिक तौर पर आरोप तय किए जाएंगे. बता दें कि इसी पुराने आपराधिक मामले में अप्रैल 2026 में पांडेय को 3 महीने की सजा भी सुनाई जा चुकी है.

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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