लीगल

लोकतंत्र की रक्षा में वकीलों की भूमिका अहम, बार और बेंच एक ही रथ के दो पहिए: श्रीलंका में बोले पूर्व CJI बी.आर. गवई

Constitutional Democracy: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने श्रीलंका बार एसोसिएशन के 52वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शिरकत करने कोलंबो गए. वहां जस्टिस गवई ने न्यायपालिका और वकीलों के बीच के गहरे संबंध पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक लोकतंत्र में ‘बार’ (वकील) और ‘बेंच’ (जज) दो अलग-अलग या प्रतिस्पर्धी संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि वे एक-दूसरे के पूरक हैं. जस्टिस गवई ने इन्हें ‘सुनहरे रथ के दो पहिए’ बताया, जिस पर राज्य की जवाबदेही टिकी होती है.

स्वतंत्र बार: लोकतंत्र की अनिवार्य आवश्यकता

जस्टिस बी.आर. गवई ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एक स्वतंत्र न्यायपालिका अकेले काम नहीं कर सकती. न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखने और उसे परखने का काम एक स्वतंत्र बार ही करता है. उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन की असली ताकत उसके सदस्यों की संख्या में नहीं, बल्कि इस बात में है कि क्या उसमें तब बोलने का साहस है जब चुप रहना ज्यादा सुविधाजनक हो. जब सरकारी संस्थाएं दबाव में होती हैं, तब वकील ही न्यायपालिका की स्वायत्तता की रक्षा के लिए खड़े होते हैं.

भारतीय इतिहास और वकीलों का योगदान

जस्टिस गवई ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और डॉ. बी.आर. अंबेडकर जैसे कानून के जानकारों ने देश की नियति बदली. उन्होंने डॉ. अंबेडकर के ‘महाड़ सत्याग्रह’ का जिक्र करते हुए कहा कि उनका संघर्ष सिर्फ पानी के अधिकार के लिए नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और समानता के लिए था. यह दर्शाता है कि वकीलों की भूमिका केवल अदालती कार्यवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज की नैतिक और राजनीतिक सोच को भी आकार देते हैं.

ऐतिहासिक फैसले और बार की सक्रियता

भाषण के दौरान उन्होंने नानी पालखीवाला जैसे दिग्गजों को याद किया, जिनके तर्कों के कारण ‘केशवानंद भारती’ केस में ‘मूल संरचना का सिद्धांत’ (Basic Structure Doctrine) निकलकर आया. उन्होंने 1975 के आपातकाल का भी जिक्र किया, जब जस्टिस एच.आर. खन्ना ने अकेले साहस दिखाते हुए असहमति जताई थी. जस्टिस गवई ने बताया कि जब जस्टिस खन्ना को उनके स्टैंड के लिए मुख्य न्यायाधीश नहीं बनाया गया, तब देश भर के बार एसोसिएशनों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी. यह इस बात का प्रमाण है कि वकील न्याय के पहरेदार हैं.

बुलडोजर कार्रवाई और कानून का शासन

हाल के एक महत्वपूर्ण फैसले का जिक्र करते हुए जस्टिस गवई ने कहा कि कार्यपालिका (सरकार) एक साथ अभियोजक, न्यायाधीश और जल्लाद की भूमिका नहीं निभा सकती. उन्होंने 2024 के ‘डिमोलिशन’ (बुलडोजर कार्रवाई) मामले का उदाहरण दिया, जिसमें अदालत ने स्पष्ट किया था कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी की संपत्ति को नष्ट करना असंवैधानिक है. उन्होंने जोर देकर कहा कि दंडात्मक कार्रवाई हमेशा नोटिस, सुनवाई और स्थापित प्रक्रिया के बाद ही होनी चाहिए.

वैश्विक चुनौतियां और वकीलों की जिम्मेदारी

आज के दौर में जब दुनिया साइबर अपराध, पर्यावरण गिरावट और प्रवासन जैसी समस्याओं से जूझ रही है, जस्टिस गवई ने वकीलों से वैश्विक रुख को समझने की अपील की. उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका दोनों का अनुभव यह सिखाता है कि लोकतंत्र केवल संविधान की किताबों से नहीं चलता, बल्कि इसके लिए एक सजग और सक्रिय बार का होना अनिवार्य है.

— जस्टिस बी.आर. गवई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं.

यह भी पढ़िए: ‘लोकतंत्र में न संसद सर्वोच्च है न न्यायपालिका, संविधान ही सबसे ऊपर..’, श्रीलंका में जस्टिस बीआर गवई का संबोधन

Bharat Express Desk

Recent Posts

‘17% आबादी, 3% से कम उत्सर्जन… फिर भी निशाना भारत?’ जानिए बर्लिन में क्यों भड़के पीयूष गोयल

Piyush Goyal Berlin Speech: जर्मनी के बर्लिन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कार्बन उत्सर्जन…

18 minutes ago

भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद भी क्यों बढ़ी टीम मैनेजमेंट की चिंता? IND vs NZ मैच में खुली पोल

IND vs NZ: भारत ने न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य को हासिल कर जीत…

41 minutes ago

बिहार STET अभ्यर्थियों के लिए बड़ा झटका! 4 नवंबर की परीक्षा को लेकर BSEB ने लिया बड़ा फैसला

Bihar STET 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने 4 नवंबर को होने वाली STET…

44 minutes ago

भारत के पड़ोसियों पर भूकंप का कहर…! तिब्बत में 16 मौतों से मचा हाहाकार, पाक-अफगान में भी सुबह-सुबह डोली धरती

तिब्बत में शक्तिशाली भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई है,…

1 hour ago

अगले 8 घंटे इन 11 राज्यों में कहर बन टूटेगा मौसम…! 75 की स्पीड से आंधी और मूसलाधार बारिश का खौफनाक अलर्ट

Today Weather Update के मुताबिक, 23 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश, तेज…

2 hours ago

सत्ता का सेमीफाइनल: UP MLC चुनाव के लिए सपा-भाजपा में आर-पार की जंग, जानें कहां फंसा पेंच?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनावी मुकाबले में भाजपा और समाजवादी…

2 hours ago